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संभ्रांत परिवार पर पुलिस अधीक्षक के मवाली रिश्तेदारों का नियोजित कहर शौचालय पर जड़वाया ताला, परिवार न्याय के लिये भटकने को विवश।

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          जौनपुर।  4 फरवरी 2021 को सत्यनारायण सिंह का परिवार अपना सारा सामान लेकर मुंबई से गांव में आकर बसने की तैयारी में आ गए, जो बात उनके पाटीदार विशेषकर शेष नारायण सिंह को व उनके दोनों पुत्रों अमित सिंह व अनीश सिंह को अच्छी नहीं लगी कारण शेष नारायण सिंह का परिवार सत्यनारायण सिंह के दरवाजे की जमीन को पूर्व से ही  इस्तेमाल कर रहा था। जिस कारण से परिवार का गांव में आकर बस ना सकलनारायण सिंह के परिवार को अच्छा नहीं लगा।

          15 फरवरी की सुबह जबकि सत्यनारायण सिंह जी ने गांव के ही लोगों से दरवाजे पर मिट्टी डालने के लिए कहा और मिट्टी डालने का काम जारी था, के समय ही सकलनारायण सिंह के पुत्र वह परिजनों ने मिलकर सत्यनारायण की परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया व घर की बेटी जो रिश्ते में इनकी बहन लगती है, उसके साथ छेड़खानी व अभद्रता की गई जिसको तत्कालीन एसएचओ ने मुकदमा संख्या 049/21 में छेड़खानी को हटा कर केवल  मारपीट की मामूली धाराओं में दर्ज किया।

             पुनः 28 फरवरी 2021 को दोबारा अमित सिंह द्वारा ही फिर से परिवार पर हमला किया गया उक्त मारपीट के हमले के मुकदमे को 151 की कार्यवाही में बदलकर शांति भंग में दोनों परिवारों को पाबंद कर दिया यह कार्यवाही तत्कालीन एसपी हमीरपुर नरेंद्र सिंह के हस्तक्षेप के बाद हुई थी, क्योंकि नरेंद्र सिंह सकल नारायण सिंह की साले के लड़के हैं। anish Singh द्वारा व उनके परिजनों द्वारा सत्यनारायण सिंह के परिवार को लगातार उलाहना व धमकियां दी जाती रही सत्य नारायण सिंह जी जो कि महाराष्ट्र सरकार के रेवेन्यू विभाग के सेक्शन ऑफिसर के पद से रिटायर हुए थे। की खबर को आखिरी सच टीम द्वारा चलाया जाना अनीस सिंह.को नगवारा गुजरा और anish Singh जी द्वारा आखिरी सच टीम को भी एक बार फोन करके यह बताया गया कि नम्रता सिंह करैक्टर लेस है। जबकि नम्रता सिंह जी के बारे में जो कि सत्यनारायण सिंह जी की बेटी है, आखिरी सच की पड़ताल में निकल के आया की नम्रता सिंह सदैव अपनी कक्षाओं में टॉपर छात्रा के रूप में प्रसिद्ध रही व डॉक्टरेट की भी डिग्री इन्होंने अच्छे अंकों के साथ हासिल की थी, जिसका परिणाम रहा कि मुंबई की कई प्रतिष्ठित संस्थानों में इन्होंने अपनी सेवाएं दी और आज भी इनके रिश्ते उन समस्त संस्थानों के साथ बेहतर तरीके से जारी हैं। वर्तमान में डॉ नम्रता लोवर पीसीएस की तैयारी कर रही हैं। व आने वाले दिनों में उनके पेपर भी हैं। जिससे दिमाग को बदलने के लिए विपक्षियों द्वारा लगातार विभिन्न प्रकार से सत्यनारायण सिंह जी के परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है जिससे नम्रता का लोअर पीसीएस फाइनल ना हो सके।

      यह बात anish की मां सुनीता ने गांव की कई लोगों से कहा है कि मैं यह चाहती हूं कि नम्रता का ADM बनने का सपना कभी साकार ना हो कारण एसडीएम बनने के बाद नम्रता व परिजनों का हम कुछ बिगाड़ नहीं सकते, लगातार सकल नारायण सिंह की परिवार द्वारा सत्यनारायण सिंह के परिवार को गांव के लोगों में चरित्रहीन वह बेईमान स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। जिस के क्रम में आखिरी सच टीम ने उक्त गांव की काफी लोगों से जानकारी संकलित की गई जिसमें लोगों ने सत्यनारायण सिंह के परिवार को प्रतिष्ठित व सहयोगी परिवार की संज्ञा दी जबकि सकल नारायण सिंह के परिवार और उनके बच्चों को मवाली व माफिया की संज्ञा दी, आज जबकि विगत महों से यह विवाद चल रहा है और आखिरी सच टीम की पिछली रिपोर्ट के कारण Narendra Singh को हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक कुर्सी गंवानी पड़ी, के क्रम में नरेंद्र सिंह जी द्वारा नियोजित नवीन षड्यंत्र का सामना सत्यनारायण सिंह के परिवार को उनके भाई स्वर्गीय राजनाथ सिंह के बच्चे अविनाश सिंह जो कि मानसिक कमजोर है के द्वारा प्रताड़ित करवाए जाने का उपक्रम है जो विभिन्न तरीकों से नियोजित करवाया जा रहा है जिसका दिमागी नियोजन नरेंद्र सिंह जी द्वारा व जमीनी नियोजन सकल नारायण परिवार के anish Singh द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में anish ने अविनाश को मंदबुद्धि होने के कारण उत्साहित कर सत्यनारायण सिंह पूर्व से बीमार हैं वह उनका इलाज लगातार जारी है उनको बीपी, नेत्र विकार, डायबिटीज, किडनी व मूत्र मार्ग में परेशानी है। उनके बीपी का लेबल 160 है। सत्यनारायण पर अविनाश के द्वारा व सकल नारायण द्वारा नियोजित तरीके से लगातार विवाद की शुरुआत करवाई जा रही है। जिसका पहला नियोजन वर्तमान में अविनाश के शौचालय निर्माण को लेकर शुरू हुआ अविनाश का शौचालय सत्यनारायण सिंह की हिस्से की जमीन पर सकल नारायण सिंह के पुत्र अविनाश के नियोजन पर करवाया जा रहा है। जिस के क्रम में सत्यनारायण सिंह ने स्थगनादेश भी प्राप्त किया लेकिन थानाध्यक्ष स्थानीय द्वारा व एसडीएम द्वारा स्थगनादेश को केवल हंसकर टाल दिया गया। जब सत्यनारायण सिंह ने उक्त स्थगन आदेश को लेकर जिलाधिकारी जौनपुर के ऑफिस में जिला अधिकारी jaunpur को संज्ञान दिलाया। तब जिलाधिकारी jaunpur के हस्तक्षेप के बाद तहसीलदार ने स्थानीय लेखपाल को घटना को समझने व मौका मोआइना व जमीन की पैमाइश करने व वास्तविकता निकालने के लिए दिनांक 26 अगस्त 2021 को भेजा लेखपाल की पैमाइश के क्रम में यह निकल कर आया निर्माण सत्यनारायण सिंह की जमीन पर अवैध रूप से किया जा रहा है।

          जिस के क्रम में लेखपाल ने निर्माणकर्ता को निर्माण रोंकर निर्माण अन्यत्र करवाने की सलाह दी व वहां से चल दिए के क्रम में सत्यनारायण सिंह जो कि विवादित स्थल पर से थोड़ी दूर पर स्थित विद्यालय के पास लेखपाल को रोककर बात करने लगे। जिस के क्रम में अविनाश सिंह पीछे से दौड़ता हुआ गया और उसने सत्यनारायण सिंह को गिराकर ईंट का आधा टुकड़ा उठाकर उन्हें धक्का देकर गिराकरके छाती पर बैठकर मारने का प्रयास किया। जिसे स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद रोका जा सका जिसमें नरसिंह सिंह पुत्र मुसाफिर बहादुर सिंह का विशेष योगदान रहा जिसके बाद शेष नारायण सिंह ने अविनाश सिंह को ताला देकर सत्यनारायण सिंह के शौचालय में ताला लगवा दिया आज दूसरा दिन बीतने को है परिजन अपने ही द्वारा निर्मित शौचालय का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

    जिसकी शिकायत  आज दिनांक को प्रातः 6:45 बजे डॉ नम्रता सिंह द्वारा डायल 112 के माध्यम से की गई जिस के क्रम में उक्त मानसिक विक्षिप्त अविनाश सिंह से डायल 112 के कर्मचारी भी शौचालय का ताला नहीं खुलवा सके। डायल 112 के कर्मचारियों ने दोनों पक्षों को थाने पर आने के लिए बोला जिसमें सत्यनारायण सिंह का परिवार से उनकी बेटी नमृता सिंह तो वर्तमान में थाने में बैठीं हैं ।लेकिन दूसरा पक्ष अभी भी थाने नहीं पहुंचा है आखिर यह हिटलर शाही इतने दिनों से क्यों चल रही है क्या जौनपुर के स्थानीय प्रशासन के पास इसके लिए कोई जवाब है या नहीं।

दबंग पड़ोसियों की करतूत से जिले के बदलापुर थाना क्षेत्र के उद्रपुर गेलहुआ की रहने वाली महाराष्ट्र सरकार के मंत्रालय में रहने वाले रिटायर्ड अफसर और उनका परिवार काफी दहशत में है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई भी मामूली धाराओं में ही की।

पीडि़त परिवार की ओर से की गयी पहली शिकायत। शब्दों को गौर से पढि़ये व सत्यनरायण परिवार की नैतिकता को परखिये।

सेवा में, श्रीमान् जिला दण्डाधिकारी / जिलाधिकारी बदलापुर, जौनपुर।

विषयः- कानून एवं व्यवस्था व शान्ति भंग रोक कर जान से मारने की धमकी के सम्बन्ध में।
संदर्भ ( 1 ) एफ 0 आई 0 आर 0 नं0-0049 / 2021 दिनांक -15.02.2021
( 2 ) अर्ज दिनांक -23.02.2021 की घटना
( 3 ) दिनांक -11.03.2021 को कोतवाल बदलापुर जौनपुर को दिया। महोदय,
कृपया उपरोक्त संदर्भीय पत्र का अवलोकन करियेः सविनय निवेदन है कि प्रार्थी सत्यनारायन सिंह पत्नी श्रीमती सुनीता सिंह कन्या कुमारी नम्रता सिंह जून 2020 से अपने मूल गांव में स्थायी रूप से निवास करता है।

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प्रार्थी महाराष्ट्र शासन से वर्ग एक का अधिकारी के पद 2015 से सेवानिवृत्त हो चुका है।
दिनांक -23.02.2021 को अमित , अनिश पुत्रगण श्री शेषनारायण सिंह के लड़के ने रात्रि को 09 बजे हमारे घर का दरवाजा पीट – पीट कर गन्दी – गन्दी गालियाँ दिया।
इस बारे में सम्बन्धित पुलिस थाने में मेरी कन्या ने अर्जी किया, उसकी सुनवाई न करते हुये उपरोक्त अपराधी को मामूली दफा लगाकर छोड़ दिया गया।
दिनांक -11.03.2021 को अपने घर के सामने मिट्टी समतल करने के लिए मजदूर बुलाया था उसको मना कर दिये और मारपीट करने पर अमादा हो गये।

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क्योंकि हमारे छोटे भाई के रिश्तेदार पुलिस अधीक्षक हमीरपुर श्री नरेन्द्र कुमार सिंह ने दबाव डालकर छुड़वा दिया गया। जबकि मेरी कन्या का हाथ खींचा गया, मैं यह सब प्रकरण से भयभीत हूँ कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। बदलापुर थाना इस बारे में कोई कार्यवाही नहीं कर रही है और हमीरपुर के दबाव में तटस्थ हो जाती है।
अतः आपसे निवेदन है कि संदर्भीय पत्र का अवलोकन करते हुये उपरोक्त व्यक्ति के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए हमें न्याय दिया जाय। इसके लिए मैं मैं आपका सदैव आभारी व ऋठी रहूंगा।

धन्यवाद
प्रार्थी सत्यनारायण सिंह उदपुर गेल्हवा। पर थानाध्यक्ष बदलापुर नें छेड़खानी की घटना को खारिज करते हुए पीड़ित पर भी एनसीआर दर्ज कर दी हमीरपुर एसपी के शह पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।

गौर से सुनिये दोषी कौन?

जाँच आख्या क्या करते हैं जिम्मेदार।

इस सम्बंध में बताया जाता है कि उक्त थाना क्षेत्र के उद्रपुर गेल्हुआ की रहने वाली सत्यनारायण सिंह महाराष्ट्र सरकार के मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी थे। लॉक डाउन में 8 फरवरी को अपने गृह गांव आए हुए है। आरोप है कि उनके पड़ोसी/ सगे भाई शेष नारायण सिंह, अनीश सिंह और अमित सिंह ने 15 फरवरी को मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सम्बन्धित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। यही से दबंगो का उत्पात खत्म नही हुआ,
पुनः 23 फरवरी को घर में रह रही 32 वर्षीय नम्रता सिंह के साथ हाथापाई और छेड़खानी का प्रयास किया। बदलापुर पुलिस से शिकायत किया तो कोई कोई कार्रवाई नही की नम्रता सिंह पीसीएस की तैयारी भी कर रही है, इस समय अपने पिता के साथ गांव में तैयारी कर रही है। पट्टीदार के अत्याचार से बाप बेटी डरे हुए बदलापुर पुलिस ने उलटे ही नम्रता सिंह और उनके पिता के खिलाफ एनसीआर दर्ज की है।

सत्यनरायण की बेटी ने एस पी को लिखा पत्र। 

विषयः – जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में महोदय, सविनय निवेदन है कि प्रार्थिनी निवासी ग्राम उदपुर गेल्हवा, पोस्ट व तहसील बदलापुर, थाना बदलापुर, जिला जौनपुर की स्थायी निवासिनी है। हम प्रार्थिनी के पिता सत्यनारायण सिंह और माताजी सुनीता सिंह जून 2020 से स्थाई रूप से घर पर रह रहे है। विपक्षी पक्ष शेषनारायण सिंह पुत्र रामखेलावन सिंह, अनीष सिंह व अमित सिंह पुत्रगण शेषनारायण सिंह निवासी उदपुर गेल्हवा, तहसील बदलापुर, जिला जौनपुर द्वारा दिनांक 15.02.2021 को मारपीट कर घायल किया गया था। जिसके मुकदमा धारा -323 , 504 , 506 दर्ज हुआ है। विपक्षी उपरोक्त ने हम प्रार्थिनी के घर आकर दबाव बनाने लगे। जब पिता नहीं माने तो मारने पर उतारू हो गये। हम प्रार्थिनी व माता पिता घर के अंदर अपने आपको बन्द कर लिए और विपक्षी द्वारा जोर जोर से दरवाजा पीटने लगे और जान स मारने की धमकी दी। जब मेरे पिता द्वारा पुलिस बुलाई गयी तब विपक्षीगण भाग गये। मेरे पिता जब सिपाही के साथ थाना पर गये तो विपक्षीगण तुरंत ही दोबारा दरवाजा पीटने लगे। विपक्षी की मौजूदगी से अनजान प्रार्थिनी ने दरवाजा खोला तो उक्त अमित सिंह पुत्र शेषनारायण सिंह ने प्रार्थिनी का हाथ पकड़ के बाहर खीचने लगे , जिसे देख मेरी मम्मी का रक्तचाप बढ़ गया और वह मुह से खून की उल्टी करने लगी। इस पुलिस द्वारा विपक्षी को थाना बुलाया गया परंतु उसे दूसरे दिन हो छोड़ दिया गया। जिस दिन उनकी जमानत हुई उन्होने दोबारा पुनः को रास्ते में गालियों समेत पूरे परिवार को जाने से मारने की धमकी दी । हमीरपुर के एस0 पी0 नरेन्द्र सिंह उनकी सहायता करते है, पुलिस से बचाने के लिए मैने अर्जी दी थी । अब मेरी चिंता का विषय यह है कि विपक्षी परंतु उस पर कोई के दोनो बेटो गैरकानूनी हथियार रखते है, और मुझे अपने साथ अपने मम्मी पापा की भी रक्षा करनी है। अतः आपसे निवेदन है कि आप शीघ्रतिशीघ्र इस पर कार्यवाही करवाते करने की कृपा करे व मेरे माता – पिता की जान की रक्षा कीजिए हम आपके ऋणी व आभारी रहेगें ।

पीड़ित परिवार पर जनसुनवाई पोर्टल से की गयी शिकायत। हमीरपुर एस पी का सगी बुआ के परिवार को संरक्षण।

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सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश।
महोदय में एक बुजर्ग घरेलू महिला हुँ मेरी उम्र 72 वर्ष है मेरे देवर सत्यनारायण सिंह, उनकी पत्नी सुनीता सिंह और उनकी पुत्री नमता सिंह आये दिन मुझसे लड़ाई झगडा करती रहती है। ये लोग रोज अपने घर रात में बाहरी लोगों को बुलाकर बैठाती हैं और वे लोग जोर जोर से चिल्लाते है और आपस मे कुछ गलत अश्लील वाली बात करते रहते है। जिससे मैं अपने को असुरक्षित महसूस करती हुं की कही मेरे साथ कोई हादसा न हो जाये मेरा एक लड़का है जो वह अपने परिवार के साथ मुम्बई में रहता है ये लोग मुझे और मेरे लड़के को अलग अलग तरीके से परेशान करते है ये लोग मुंबई में भी वर्ष 2003 से कई केश कर रखे है और यहां भी ये लोग मुझे बुजुर्ग महिला समझकर बहुत परेशान कर रहे है। नम्रता सिंह रोज मुझे अंग्रेजी में गली देती रहती है और कहती है। हम तुम्हे और तुम्हारे पुत्र को जान से मरवा दूंगी। अगर मुझे और मेरे पुत्र अतुल सिंह को कुछ होता है। तो इसका जिम्मेदार नम्रता सिंह व सत्यनारायण सिंह और सुनीता को माना जाए| अतः श्री मान जी निवेदन है कि मेरे प्राणों की रक्षा की जाए।
प्रार्थी मालती सिंह w/० धर्मराज सिंह ग्राम व पोस्ट उदपुर गेल्हवा बदलापुर जौनपुर उत्तर प्रदेश संदर्भ
दिनांक : 19-05-2021 पूर्व सन्दर्भ।

राष्ट्रवादी शेर
राष्ट्रवादी शेर

नम्रता ने आखिरी सच को बताया कि मेरे पट्टीदार शेषनरायण सिंह का हमीरपुर के एसपी का नरेंद्र सिंह का वर्दस्त प्राप्त है, उनके रसूक की वजह से स्थानीय पुलिस असहाय है। हमने मुख्यमंत्री सहित उच्चधिकारियों को पत्र लिख कर अवगत करा दिया है। मुझे अपने चचेरे भाइयों से जान का खतरा।

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