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पहला चरण 11 जिले 58 सीटों पर 11 वीवीआईपी सीटों के मतदान शुरू, के समीकरणों पर आखिरी सच की आखिरी रिपोर्ट।

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश पहले चरण के मतदान के लिए पूरी तरह से तैयार है। आज 11 ज़िलों की 58 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इस चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ज्यादातर सीटों पर वोट डाले जाने हैं। मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम छह बजे तक चलेगा। ये क्षेत्र किसान और जाट बहुल है, ऐसे में इस बार किसान आंदोलन की वजह से यहां का समीकरण पिछले चुनाव के मुकाबले कुछ अलग माना जा रहा है। साल 2017 के चुनावों में बीजेपी ने 58 में से 53 सीटों पर जीत हासिल करके बड़ी बढ़त बनाई थी, लेकिन इस बार ये इतना आसान नहीं माना जा रहा है।

इस बार चुनाव में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और आरएलडी के जयंत चौधरी साथ आ गए हैं। पश्चिमी यूपी को आरएलडी का गढ़ माना जाता है। हालांकि पिता अजित सिंह के निधन के बाद जयंत चौधरी की ये पहली परीक्षा है। बीजेपी, बीएसपी और कांग्रेस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से 58 प्रत्याशी उतारे हैं. वहीं समाजवादी पार्टी के 28, आरएलडी के 29 और एनसीपी का 1 प्रत्याशी मैदान में है। तीनों ही दल गठबंधन में हैं।



यूपी मे पहले चरण की वोटिंग आज

उत्तर प्रदेश में पहले चरण की वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू होगी और शाम 6 बजे तक चलेगी। पहले चरण के रण में पश्चिमी यूपी के 11 जिलों के 58 सीटों पर मतदान है और कुल 623 उम्मीदवार मैदान में हैं।

मोदी का ट्वीटर उवाच

पहले चरण की वोटिंग से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने वोटर्स से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में आज पहले चरण की वोटिंग है। सभी मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे कोविड नियमों का पालन करते हुए लोकतंत्र के इस पावन पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। याद रखना है- पहले मतदान, फिर जलपान।’

पहले चरण के बड़े मुद्दे

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के पहले चरण के मुद्दों की बात की जाए तो सबसे अहम मुद्दा है, किसान, फिर चाहे वो किसान आंदोलन से जुड़ा रहा हो या फिर गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की बात हो।

किसान आंदोलन
इस चुनाव में किसानों की अहमियत कृषि कानूनों के खिलाफ 378 दिन तक चले आंदोलन के बाद और बढ़ गई थी। किसान तीनों कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर डटे थे। पांच राज्यों में चुनाव के ऐलान से पहले  आखिरकार केंद्र सरकार ने कानून वापस लेने का ऐलान कर दिया, लेकिन चुनाव में किसान आंदोलन सभी पार्टियों के लिए मुद्दा बन गया।

गन्ना भुगतान
साथ ही साथ पश्चिमी यूपी में गन्ना भुगतान भी एक मुद्दा है। कभी गन्ना किसानों का वक्त पर भुगतान नहीं हुआ तो कभी किसानों की मांग रही कि गन्ना का रेट बढ़ाए जाएं।

बिजली
इसके अलावा बिजली भी बड़ा मुद्दा है, जहां किसान एक ओर बिल मांफ करने की बात कर रहे हैं तो आम जनता बिजली के दामों में कमी करने की बात कर रही है।

रोजगार
इस चुनाव में रोजगार भी बड़ा मुद्दा है। युवाओं को ऐसी सरकार चाहिए जो रोजगार दे सके।

महंगाई
तो वहीं इस चुनावी मुद्दों में एक मुद्दा महंगाई का भी है…आम लोग रोजमर्रा की जरूरी चीजों की महंगाई से राहत चाहते हैं।

बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
इसके अलावा इस चुनाव में यूपी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का सवाल भी अहम है। साथ ही कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी लोग मतदान करेंगे। अच्छी सड़कें और यातायात के साधन भी इस क्षेत्र के लोगों के लिए अहमियत रखते हैं। जनता इन्हीं मुद्दों के आधार पर अपने मताधिकार का प्रयोग करके अपना जनप्रतिनिधि चुनेगी।



योगी का ट्वीटर पर पहले चरण का आखिरी लब्बोलुआब

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा, ‘आज लोकतंत्र के महायज्ञ का प्रथम चरण है। आपके अमूल्य वोट की आहुति के बगैर यह अनुष्ठान पूरा नहीं होगा। आपका एक ‘वोट’ अपराधमुक्त, भयमुक्त, दंगामुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा। इसलिए ‘पहले मतदान फिर जलपान’ तब अन्य कोई काम…।’

11 जिले 11 VIP चेहरे

– पंकज सिंह, नोएडा  (BJP)
– नाहिद हसन, कैराना  (SP)
– बेबी रानी मौर्य, आगरा ग्रामीण (BJP)
– मृगांका सिंह, कैराना (BJP)
– श्रीकांत शर्मा, मथुरा (BJP)
– सुरेश राणा, थाना भवन (BJP)
– संगीत सोम, सरधना (BJP)
– कपिल देव अग्रवाल, मुजफ्फरनगर (BJP)
– अवतार सिंह भड़ाना, जेवर (RLD)
– चौधरी बाबू लाल, फतेहपुर सीकरी (BJP)
– नंद किशोर गुर्जर, लोनी (BJP)

दांव पर लगी दिग्गजों की चुनावी किस्मत

पहले चरण में 11 दिग्गजों की चुनावी किस्मत इस चुनाव में दांव पर लगी है, जिसमें नोएडा विधान सभा से बीजेपी प्रत्याशी पंकज सिंह चुनाव लड़ रहे हैं, तो कैराना से एसपी के नाहिद हसन और बीजेपी से मृगांका सिंह चुनावी मैदान में हैं। वहीं आगरा से उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और मथुरा से ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ताल ठोंक रहे हैं। पहले चरण में ही गन्ना मंत्री सुरेश राणा की किस्मत भी ईवीएम में कैद होगी। साथ ही साथ बीजेपी के कद्दावर नेता संगीत सोम, कपिल देव अग्रवाल, चौधरी बाबू लाल नंद किशोर गुर्जर समेत आरएलडी के अवतार सिंह भड़ाना भी मैदान में हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

वोटिंग के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी ना हो इसके लिए चौक-चौबंद सुरक्षा की गई है। यूपी पुलिस के अलावा अर्ध सैनिक बलों की भी अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 796 कंपनियां तैनात की गई हैं। इनमें से 724 कंपनियां बूथ ड्यूटी पर। 15 कंपनियां स्ट्रॉन्ग रूम सिक्योरिटी पर और 5 कंपनियां ईवीएम सिक्योरिटी पर, जबकि 66 कंपनियां लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी पर तैनात रहेंगी। इसके अलावा यूपी पुलिस की ओर से PAC की 27 कंपनियां पहले चरण में तैनात की गई हैं। पुलिस के 9464 इंस्पेक्टर और एसआई रैंक अधिकारी, 59030 कॉन्स्टेबल, 48,136 होमगार्ड , 505 पीआरडी जवान और 6061 गांवों के चौकीदार को पहले चरण की चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है।

पिछले चुनाव में किसको कितनी सीटें मिली थीं?

बीजेपी 53 सीटों पर जीती थी।

समाजवादी पार्टी ने दो सीटों जीत दर्ज की थी।

बीएसपी ने 2 सीटों पर जीत हासिल की।

आरएलडी को सिर्फ 1 सीट मिली थी।

प्रियंका गांधी का ट्वीटर उवाच

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने लिखा, “प्रिय जनता, आप वोट करने नहीं, आप अपना भविष्य चुनने जा रहे हैं। ऐसा भविष्य जिसमें फिर कोई पीड़ित बेटी जबरन जलाई न जाए, FIR दर्ज कराने के लिए आत्मदाह न करे, कोई विधायक किसी बेटी पर अत्याचार न करे, फिर कोई निर्दोष पुलिस के हाथों मारा न जाए। वोट उसे दें जो आपके साथ खड़ा रहा हो।”

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान किसानों के मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया और बीजेपी नेताओं पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था। पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत देर से करने वाली बीएसपी अध्यक्ष मायावती नें लोगों को अपने कार्यकाल के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था की याद दिलाई और प्रतिद्वंद्वी पार्टियों पर प्रदेश की जनता से छल करने का आरोप लगाया था।

योगी सरकार के 9 मंत्री मैदान में

यूपी के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा शामली के थानाभवन से चुनाव लड़ रहे हैं।

यूपी के व्यावसायिक शिक्षा राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल मुजफ्फरनगर से चुनावी मैदान में हैं।

यूपी सरकार में जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक मेरठ की हस्तिनापुर विधानसभा से प्रत्याशी हैं।

योगी सरकार में चिकित्सा राज्यमंत्री अतुल गर्ग गाजियाबाद से लड़ रहे हैं।

यूपी सरकार में वन राज्यमंत्री अनिल शर्मा बुलंदशहर की शिकारपुर विधानसभा से प्रत्याशी हैं।

वित्त और चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह अलीगढ़ के अतरौली से मैदान में हैं। जिनकी सीट इनके व पड़ोसियों के द्वारा ब्राह्मण उत्पीड़न करनें के कारण जा रही है।

दुग्ध विकास, पशुधन मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण मथुरा के छाता से लड़ रहे हैं।

यूपी सरकार में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा भी मथुरा से लड़ रहे हैं, इनको दौड़ा कर जनता जनार्दन नें इनको इनकी वास्तविक औकात याद दिला दी है।

यूपी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री जी एस धर्मेश आगरा कैंट से प्रत्याशी हैं। रजावत परिवार के दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर दही खाना इनकी हार का प्रमुख कारण होगा।

कितने मतदान केंद्र बनाए गए हैं?

अजय कुमार शुक्ला ने बताया, ‘‘पहले चरण के चुनाव के लिये कुल 10,853 मतदान केन्द्र और 26,027 मतदेय स्थल बनाये गये हैं। मतदान पर सतर्क दृष्टि रखने के लिए 48 सामान्य प्रेक्षक, आठ पुलिस प्रेक्षक तथा 19 व्यय प्रेक्षक तैनात किये गये हैं। इसके अतिरिक्त 2175 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 284 जोनल मजिस्ट्रेट, 368 स्टैटिक मजिस्ट्रेट और 2718 माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात किये गये हैं।’’ उन्होंने बताया कि मतदाता पहचान पत्र नहीं होने पर आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस समेत 12 अन्य वैकल्पिक पहचानपत्रों का उपयोग कर वोट डाला जा सकेगा।



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