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दलित बेटी ज्योती रावत को प्रज्जवलित होनें से पहले ही बुझा दिया गौरीशंकर जैसे शादी के शौकीन व्यापारी नें, शादी की आड़ में करता है धोखाधड़ी, नौकरी का लालच देकर करता है वसूली, रहें सावधान।

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गौरीशंकर का पत्नी शौक, शादी इसका व्यवसाय


एक रावत लड़की जो की अनुसूचित जातिवर्ग से है, लगातार सवर्ण व अल्पसंख्यक वर्ग द्वारा बारी बारी से किया गया व जा रहा प्रताड़ित, कहां गयी सरकारी मशीनरी व कहां गये दलितों के हितैषी तथाकथित मठाधीश गण क्या उन्हें इस दलित परिवार व महिला का दर्द नही दिखाई पड़ता।



जी हां हम बात कर रहें हैं उत्तर प्रदेश की राजधानी व मुख्यालय लखनऊ की 29 वर्षीय महिला ज्योती रावत पुत्री ताराशंकर रावत मूल निवासिनी 47 बी समुद्दीनपुर, इन्दिरा नगर लखनऊ अनिल उचित दर विक्रेता के ठीक सामनें, की कहानी है पिता के माकान के दो तिहाई हिस्से पर अवैध तरीके से फर्जी दस्तावेज बनवाकर कब्जा कर लिया गया, जबकि ज्योति के पिता की मृत्यु हो गयी थी, घर पर किरायेदार द्वारा अवैध कब्जा व भागदौड़ व खर्च के दबाव में मां की तबियत खराब हो गयी, घर की जिम्मेदारी ज्योति के कंधों पर आ गयी।



बीमार मां एक भाई व दो छोटी बहन व स्वयं का दायित्व जैसे तैसे परिवार की गाडी़ चली, ज्योति की पहली शादी एक सक्सेना लड़के से हुई, जिसनें केवल अपनें स्वार्थों व शारीरिक भूख को शान्त किया, एक बच्चा हो जानें व बीटीसी का उसका प्रशिक्षण इस लड़की के पैसों के दम पर प्राप्त करनें के बाद फिर वापस अपनी पत्नी व पुत्र को देखनें नही आया, जब ज्योती नें उसके गांव जाकय पता किया तो पता चला उसकी एक शादी पहले से है। चार साल बीतनें व रिश्तेदारों व परिचितों के समझाने पर पुनः शादी का विचार करके जीवन साथी वैवाहिक वेबसाइट पर गौरी शंकर से परिचय हुआ जिसका मुख्य काम था तलाकशुदा लड़कियों से शादी करना व उसके परिचितों रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी का झाँसा देकर अवैध वसूली करना व फिर दूरी बना लेना। जिसके कई लोगों से अवैध तरीके से बेवकूफ बनाया गया व लूटा गया है। जिसके आधार पर नोयडा का पता वर्णित है।


गौरीशंकर का आधार कार्ड


गौरीशंकर द्वारा उत्पीड़ित की आपबीती उसीकी जुबानी।

मेरा विवाह गौरी शंकर के साथ आर्य समाज मन्दिर लखनऊ में हुआ था। गौरीशंकर से मेरी मुलाकात ऑनलाइन माध्यम से हुई थी। एक शादी साइट के जरिए जिसका नाम jeevansathi.com था। गौरीशंकर ने अपनी प्रोफाइल पर लिखा हुआ था कि वह तलाकशुदा है। उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी हैं और वह सीबीआई ऑफिसर के पद पर कार्य करता है, और उसने यह भी बताया हुआ था कि उसकी माता की तबीयत ठीक नहीं रहती है जिसके कारण वह विवाह जल्द से जल्द करना चाहता है।

हमारे परिवार के लोगों ने उसकी सारी बातें सुनी। उसके बाद उसके बताइ बातें सच है तो, मेरे घर वाले शादी के लिए तैयार हो गए, और उसके कुछ दिनों बाद उसका (गौरीशंकर) फोन आता है, जिससे वह बताता है कि उसकी माता की अचानक से तबीयत खराब हो गई, व मृत्यु हो गयी
उनकी मृत्यु का कारण उसमें कोरोना बताया था।



गौरीशंकर के अकेले हो जाने के कारण उसे जल्द से जल्द विवाह करने का फैसला किया और कहा, जल्द से जल्द शादी कर लो तो 13 जून को मेरा विवाह हुआ। उसके साथ विवाह के कुछ दिन ही उसके साथ रहे। उसके बाद वह मुझे मेरे घर ले आया और कहा कि कुछ दिनों बाद ले जाऊंगा। जब वह मुझे छोड़ने आया था। उस समय मेरी मौसी की बेटी की दो ननद घर पर रहती थीं जिनसे बिना मतलब उनसे नौकरी के विषय में बात किया। कहा कि मैं तुम लोगों को नौकरी दिला दूंगा।


गौरीशंकर की एक और शादी


शीला और विनायकी ने अपने लिए तो मना कर दिया किंतु अपने भाई नृपेंद्र के लिए कहा कि नौकरी दिलवा दीजिए। नृपेंद्र से मिलने के बाद उसको गौरीशंकर ने बताया कि 30 से ₹35000 का खर्च आएगा परंतु तुम्हारी नौकरी पक्की हो जाएगी और तुमको ऑफर लेटर भी मिलेगा। उसके बाद निपेंद्र ने थोड़ा-थोड़ा कर कर पैसा दिया। गौरी शंकर को तीन से चार बार में उनके अकाउंट में ट्रांसफर किया। मेरी गौरी शंकर से बात होती है कि किसी भी रिश्तेदार को सरकारी नौकरी मत दिलाओ। अगर कोई अधिकारी ने पैसे वैसे खा लिए और फिर नौकरी ना मिले तो यह सभी रिश्तेदार मेरे से पूछे कि मुझे नौकरी क्यों नहीं मिली और मेरा पैसा कहां गया?


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मेरे मना करने के बावजूद भी दोनों ने आपस में बात किया नौकरी के लिए और फिर मुझे बिना बताए आपस में पैसों का भी बात किया। नृपेंद्र ने अपने घर पर अपने बड़े जीजा के घर पर बुलाकर और लोगों की नौकरी की भी बात की, मुझे कानो कान खबर नहीं थी। बहुत सारा उन लोगों से पैसा भी लिया। उसकी भी हमें कोई भी खबर नहीं थी। बाद में किसी के माध्यम से हमें पता चलता है कि नितेंद्र ने गौरीशंकर को अपने घर पर बुलाया हुआ था। जब मुझे इन सब चीजों के बारे में पता चलता है तब मैं गौरीशंकर को चिल्ला कर कहती हूं कि अगर तुमको किसी की नौकरी लगवानी है, तो किसी गरीब का भला करो तो मेरी एक मित्र थी जिनको मैं बुआ के बुलाते हैं। मैंने कहा कि उनकी बेटी की नौकरी लगवा दो। वह गरीब घर से बिलॉन्ग करती है। वह घर पर काम करती हैं। दूसरों के तो मैंने उनसे कहा कि इसकी नौकरी लगवा दो तो उनसे बात करवाया। उनका भी नंबर मुझसे ले लिया। उसने कहा कि ₹34000 की जरूरत पड़ेगी और सरकारी नौकरी लग जाएगी। नर्सिंग होम में तो उन लोगों से भी इसने पैसा खाया। कभी ड्राफ्ट बनवाने के परपज से कभी किसी और चीज के कारण से उसने उनसे भी पैसा खाया और। 2,00000 लिया इन लोगों को गौरीशंकर में एक कोई लेटर दिया था। जिससे इन लोगों को यकीन हो गया था कि हां मेरी नौकरी लग जाएगी। परंतु 1 महीना 2 महीना बीत गया। कोई भी नौकरी का पता नहीं। जबकि इसने कहा था कि 21 दिन के अंदर तुम्हारी नौकरी का जोइनिंग लेटर तुम्हारे हाथ में होगा, परंतु नहीं हुआ।


गौरीशंकर की पहली

गौरीशंकर की पहली बीबी लता जो हैण्डल करती है इसका फेसबुक हैण्डल


कुछ समय बाद वह मुझसे बोला, गौरीशंकर कि मुझे एक जमीन खरीदनी है, जिसमें ₹500000 की जरूरत है। कम पड़ रहे हैं। अपने घर से मुझे दिला दो तो मैंने तो साफ साफ मना कर दिया क्योंकि मेरे पास पैसे ही नहीं थे। परंतु फिर भी वह मुझसे ₹100000 टॉर्चर कर कर के ले लिया और उसके कुछ समय बाद ही एक महिला का मेरे पास फोन आता है, जो वह महिला उसकी पत्नी होती है, जो कि उसके बताए अनुसार वह मर चुकी थी, परंतु गौरीशंकर की पत्नी होने का दावा करती रहती है कि मैं गौरी शंकर की पत्नी लता हूं। मैं मरी नहीं, जिंदा हूं। जिसके बाद मैं गौरीशंकर को बार-बार फोन करती हूं। 10 कॉल करने के बाद व्हाट्सएप पर गौरीशंकर का मैसेज आता है कि बाबू मैं अभी सचिवालय में हूं। 1 दिन बाद कॉल करता हूं। एक दिन बाद मैं कॉल करती हूं तो नीलम नाम की महिला फोन उठाती है। मेरे पूछने पर कि आप कौन हो तो वह बताती है कि मैं गौरी शंकर की पत्नी बात कर रही हूं तो मैं कहती हूं कि गौरी शंकर की कितनी पत्नियां हैं। एक नोएडा में एक लखनऊ में और तुम कहां से हो तो नीलम बताती है, कि मैं इंदौर से हूं और गौरी शंकर ने मुझ से विवाह किया है। नीलम के यह बताने पर मैं गौरीशंकर को बार-बार फोन करती हूं तो मैं नीलम की बताई बात सुन कर गौरीशंकर को 10 बार फोन करती हूं तो एक बार फोन उठाता है, और वह कहता है कि अपना नंबर बंद कर दो। मैं 2 दिन बाद लखनऊ आ रहा हूं। तब आकर बात करता हूं तुमसे।


ज्योती व गौरीशंकर की आर्यसमाज मन्दिर में शादी का वीडियो


और वह फिर अगस्त में आता है और मुझे लेकर जाता है। मेरे घर से परंतु वह मुझे नोएडा ना ले जाकर के लखनऊ के शुभम होटल में रखता है और कहता है कि मैं 1 घंटे बाद नोएडा के लिए निकलूंगा। फिर वापस नहीं आता है। 3 दिन बाद आता है और वह मुझसे कहता है कि तुम अपने घर जाओ और ₹300000 लेकर आओ तो मैं अपने घर चली आती हूं उसके बाद मैं उसको फोन कर कर बता दिया कि पैसों का इंतजाम नहीं हुआ है। आओ लखनऊ और मुझको लेकर जाओ। और फिर उसके बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। मेरा एक भी कॉल नहीं उठा था। फिर उसके बाद जिन जिन की नौकरियां लगवाने से बात की थी, वह सब लोग घर आने लगे और कहने लगे कि मेरी नौकरी का क्या हुआ?


ज्योती व गौरीशंकर का शादी प्रमाण पत्र


और जिन जिन लोगों को नौकरी दिलाने का वादा किया था, वह सभी लोग मेरे घर आने लगे और नौकरी की बाबत ऑफर लेटर कब मिलेगा और नहीं मिल रहा है। मेरे पास काफी समय बाद नोएडा से एक फोन आता है। मृत्युंजय नाम का, वह बतातें हैं कि गौरी शंकर का यह पुराना पेशा है। नौकरी के नाम पर लोगों से पैसा लेता है, एडमिशन के नाम पर कई स्टूडेंट का भविष्य भी बर्बाद कर चुका है या इसका पुराना धंधा है। और फिर गौरी शंकर के नाम से मैंने महिला थाने में कंप्लेन दर्ज करवा दी। मेरी एक दोस्त थी जिन्होंने अपनी बेटी के लिए नौकरी की बात की थी। उन्होंने एक लाख के ऊपर पैसा दिया था तो वह बहुत ज्यादा हमसे पैसे की डिमांड करें कि मेरा पैसा वापस कर दो तो मैंने कर्ज लेकर ₹50000 उक्त मुस्लिम महिला को वापस किया। और सभी लोग भी मुझ पर दबाव डालने लगे और धमकी देने लगे कि तुम्हारी कंप्लेंट कर देंगे और कंप्लेंट में लिख देंगे कि तुम भी इस धोखाधड़ी में शामिल हो, मुझे सब लोग दोषी मान रहे हैं परंतु ऐसा किया ही नहीं। मुझे तो पता ही नहीं था कि गलत तो मेरे साथ भी हुआ है। गौरीशंकर नें नौकरी के नाम पर जिन लोगों से पैसा लिया है। अगर मेरी इस F.I.R कोई कार्यवाही नहीं होती है तो मैं आत्महत्या जैसा कदम उठाऊँ य मुझे इंसाफ दिलाया जाए ताकि मैं इन सभी चीजों से मुक्त हो कर अपने बेटे के साथ सुखी जीवन बिता सकूँ।


यदि आप चाहते हैं कि आखिरी सच परिवार की कलम अविरल ऐसे ही चलती रहे कृपया हमारे संसाधनिक व मानवीय संम्पदा कडी़ को मजबूती देनें के लिये समस्त सनातनियों का मूर्तरूप हमें सशक्त करनें हेतु आर्थिक/ शारीरिक व मानसिक जैसे भी आपसे सम्भव हो सहयोग करें।aakhirisach@postbank

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