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अभाविप पूर्व शहर अध्यक्ष सचिन तिवारी व एक अज्ञात पर चौकी इंचार्ज शास्त्री नगर सुल्तानपुर नें लगाया एससी एसटी एक्ट, जबकि यथार्थ ठीक उलट, हमारी आखिरी रिपोर्ट।

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पुलिस विभाग की सरकारी खिलाई व परवरिश पर 19 साल का सचिन तिवारी पड़ गया भारी, चौकी इंचार्ज शास्त्री नगर सुल्तानपुर के साथ गाली गलौज किया जहाँ कोतवाली नगर सुल्तान पुर मे चौकी इंजार्ज शास्त्री नगर द्वारा दर्ज शिकायत में अभियुक्त कालम में सचिन तिवारी व एक अज्ञात लिखवाया गया है, वहीं घटना की विस्तृत जानकारी पैनल में तीनों के द्वारा सरकारी काम में बाधा व गाली गलौज लिखवाया जाता है।



जबकि घटना की वास्तविकता यह है कि रामकिशोर रावत चौकी इंचार्ज, तिवारी जाति सुनते हैं, तत्काल सचिन द्वारा चलाई जा रही गाडी़ का चालान सचिन के ड्राइविंग लाइसेंस पर करते हैं, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार (नाम व फोटो न सामनें लानें की शर्त) पर बताया गया कि तिवारी के साथ ही रामकिशोर रावत मां बहन की भद्दी – भद्दी गालियां दी गयीं, केवल तिवारी को ही मारा गया है, जबकि ठाकुर शिवम् सिंह व सौरभ सिंह यादव जो कि साथ थे, एक शब्द भी नही बोला गया है, रामकिशोर रावत द्वारा सचिन तिवारी को सीटियाबाजी करने आये हो कहकर खुलेआम रोड पर पीटा जाता है।



जब उक्त शिकायत लेकर पीड़ित सचिन अपनी एफाईआर लिखवाकर आता है, जिसमें उक्त एससी चौकी इंचार्ज के द्वारा गाली गलौज व बर्बर मारपीट खुलेआम शहर की सड़क पर करना दिखाये जानें के समय 00 बजकर 16 मिनट पर दिनांक 15 मार्च को अभियोग संख्या 243/ धारा 323, 504 व 506 दर्ज किये जाता है।

जिसके तत्काल बाद विभागीय गठजोड़ वर्दी वर्दी भाई- भाई की जिम्मेदारी का कुशल निर्वाहन करते हुए कोतवाली के जिम्मेदारों द्वारा रामकिशोर रावत चौकी इंचार्ज से आनन फानन में मुकदमा संख्या 244/ दिनांक 15.03.2022/ समय 00 बजकर 58 मिनट पर धारा 186, 353, 504, 506, 3(1)द व 3(1)घ दर्ज की गयी लेकिन शिकायत में दर्ज अभियुक्त 2 व विवरण में तीनों द्वारा गाली दिया जाना घटना की सार्थकता पर सवाल उठाता है।



जबकि इस पुलिसिया ड्रामें में एक ट्वीस्ट और है कि उक्त दोनों मुकदमों क्रमशः 243 व 244 कोतवाली नगर सुल्तानपुर की जाँचों का जिम्मा स्थानीय क्षेत्राधिकारी शहरी सुल्तानपुर को सौंपा गया है। आखिर ऐसे संकुचित मांसिकता से ग्रसित चौकी इंचार्ज, थानाध्यक्ष य किसी उच्चाधिकारी को जातियता की बेड़ियों से जकड़े रहना है तो इनके ऊपर किस प्रकार उच्चाधिकारी समाज की सुरक्षा व शान्ति व्यवस्था बनाये रखनें का जिम्मा दे देते हैं।



जब आखिरी सच टीम नें उक्त मुद्दे पर क्षेत्राधिकारी नगर सुल्तानपुर श्री शुक्ला से पर बात की व विभागीय कर्मी द्वारा जातियता की संकुचित सीमा में बंधकर विद्वैश पूर्ण कृत्य पर विरोध जताते हैं, तो क्षेत्राधिकारी द्वारा यह कहकर आशान्वित किया जाता है, कि परेशान क्यों होते हैं, जांच की जायेगी, लेकिन जब प्रतिनिधि द्वारा 244 मुकदमें को पुलिसिया साजिश व नियोजन कहकर जानना चाहा जाता है, कि महोदय आपका नजरिया क्या कहता है? पर क्षेत्राधिकारी महोदय द्वारा हेलो…. हेलो… करके फोन काट दिया जाता है।


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