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शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव थे जातिवाद विरोधी, केंद्र व नई पंजाब सरकार इसके विपरीत : शर्मा

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फिरोजपुर (अशोक भारद्वाज) आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता अभय कांत मिश्रा व पंजाब प्रदेश प्रभारी साहिल गुप्ता के दिशा निर्देश पर पंजाब प्रधान अश्वनी शर्मा के नेतृत्व में स्थानीय जीरा गेट, समिति के दफ्तर में देश के महान बलिदानी भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धाजंलि दी गई। इस मौके राज कुमार, जोनी उप्पल, प्रीत सिंह, तरसेम सिंह, दलजीत सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी अशोक भारद्वाज, सुरिंदर बजाज, नंद लाल सहित अन्य व्यक्ति मौजूद थे।

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इस मौके नम आंखों से शहीदों को याद करते हुए अश्वनी शर्म ने अपने संबोधन में कहा कि इस दिन भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव ने आजाद भारत का सपना देखते हुए हंसते हंसते फांसी का फंदा चूम कर देश के लिए बलिदान दे दिया, जिनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। शर्मा ने कहा की तीनों महान बलिदानी यह जान चुके थे कि विदेशी कंपनियों के बल पर ही ब्रिटिश साम्राज्य भारत को गुलाम बनाए बैठा है, जिस कारण भगत सिंह विदेशी कंपनियों के विरुद्ध ब्रिटिश सरकार से लोहा लेते रहे थे । श्री शर्मा ने कहा की कांग्रेस और भाजपा ने समय-समय पर एफडीआई में बढ़ोतरी करके महान बलिदानियों की स्वदेशी सोच पर पानी फेर दिया।

 

अश्वनी शर्मा ने जून 1928 के “किरती’ में प्रकाशित भगत सिंह के एक लेख का हवाला देते हुए कहा कि भगत सिंह जातिवाद व जातिवाद की राजनीति के विरुद्ध थे। भगत सिंह ने अपने लेख में जातिगत सहूलियतों का खंडन करते हुए लिखा था कि लोगों को परस्पर लड़ने से रोकने के लिए वर्ग-चेतना की जरूरत है। गरीब, मेहनतकशों व किसानों को सरकारों के हथकंड़ों से बचकर रहना चाहिए। देश के सभी गरीबों चाहे वे किसी भी जाति, रंग, के हों, सबको एक अधिकार मिलना चाहिए।

 

आगे अपने संबोधन में अश्वनी शर्मा ने कहा की भले ही राजनीतिक पार्टियां भगत सिंह की सोच पर पहरा देने की बात करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने बारी बारी केंद्र पर शासन करने वाली कांग्रेस और भाजपा सहित पंजाब में नई बनी आम आदमी पार्टी की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियां देश में गरीबों को सहूलियत देने की बजाय जातियां देखकर सहूलियतों का ऐलान करके जहां समाजिक भाईचारे को खंडित करने का काम करते हैं, वही भगत सिंह जैसे महान बलिदानियों के बलिदान का भी अपमान कर रही हैं।

 

पंजाब विधानसभा में भगवंत मान सरकार द्वारा गरीब व जरूरतमंद विद्यार्थियों की जगह केवल अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को शिक्षा में सहूलियतों के एलान को अश्वनी शर्मा ने शहीदे आजम भगत सिंह की सोच का अपमान करार दिया।

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