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विरोधियों को निपटाने में एससी एसटी एक्ट का कर रही उपयोग, केके मिश्रा जैसे धारदार विरोधी दल के प्रवक्ता को दबाने का यही आखिरी तरीका- हीरालाल त्रिवेदी सापाक्स।

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आखिरी सच वांट
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भोपाल। राजधानी के अजाक थाने में रविवार को कांग्रेस नेता केके मिश्रा और स्वास्थ्य एक्टिविस्ट डा आनंद राय के खिलाफ जालसाजी और एट्रोसिटी एक्ट के समेत अन्य धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई। दोनों के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ उपसचिव ने शिकायत की थी कि आनंद राय ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम पर किसी लक्ष्मण सिंह नामक युवक के मोबाइल फोन के स्क्रीन शाट फोटो अपलोड किए थे। उप सचिव ने पुलिस को बताया कि उनके खिलाफ साजिश रचकर आनंद राय और प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री केके मिश्रा उनको अनुसूचित जनजाति वर्ग का जानते हुए झूठी और मिथ्या सूचना प्रकाशित की।

मध्य प्रदेश में शिक्षक वर्ग तीन परीक्षा के प्रश्नपत्र का स्क्रीन शॉट वायरल होने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस नेता केके मिश्रा और व्यापमं के व्हिसिल ब्लोअर एवं स्वास्थ्य एक्टिविस्ट डॉ. आनंद राय के खिलाफ रविवार को राजधानी भोपाल के अजाक थाना पुलिस ने जालसाजी और एट्रोसिटी एक्ट के समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। मुख्यमंत्री सचिवालय में उपसचिव लक्ष्मण सिंह मरकाम ने यह प्रकरण दर्ज कराया है।



मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ उपसचिव लक्ष्मण सिंह ने शिकायत की थी कि डॉ. आनंद राय ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम पर किसी लक्ष्मण सिंह नामक युवक के मोबाइल फोन के स्क्रीन शाट फोटो अपलोड किए थे। उप सचिव ने पुलिस को बताया कि उनके खिलाफ साजिश रचकर डॉ. आनंद राय और प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री केके मिश्रा उनको अनुसूचित जनजाति वर्ग का जानते हुए झूठी और मिथ्या सूचना प्रकाशित की।

अजाक थाने में एफआईआर दर्ज

अजाक थाना प्रभारी सीमा राय ने बताया कि भोपाल के डी-3/17, चार इमली हबीबगंज निवासी लक्ष्मण सिंह शासकीय अधिकारी हैं। उन्होंने शिकायत करते हुए बताया कि प्रदेश कांग्रेस महामंत्री और मीडिया प्रभारी केके मिश्रा तथा डॉ. आनंद राय उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। आनंद राय द्वारा सार्वजनिक रूप से पिछले कई महीनों से उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से इंटरनेट मीडिया के माध्यम पर गलत एवं भ्रमित करने के उद्देश्य से पोस्ट की जा रही है। गत दिवस 26 मार्च को आनंद राय द्वारा ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम पर एक पोस्ट लिखी है, जिसमे आनंद राय द्वारा एक स्क्रीन शॉट अपलोड किया है।

परीक्षा में गड़बड़ी का लगाया आरोप 

इसमें लक्ष्मण सिंह नाम के व्यक्ति के मोबाइल के स्क्रीन शाट पर लिखा है। इसमें शिक्षक वर्ग 3 का पेपर व्यापमं कई प्रतिभागियों के पास इंटरनेट मीडिया पर यह कैसे पहुंचा। उन्होंने सीबीआई जांच होनी चाहिए, उन्होंने इसी तरह से परीक्षा गड़बड़ी की बात लिखी है। जबकि मैंने इस प्रकार से किसी को मोबाइल से संदेश , फोटो या स्क्रीन शाट नहीं भेजा गया है। ऐसा करके यह दर्शाया जा रहा है की मेरे द्वारा मप्र प्राथमिक शिक्षक पात्रता वर्ग-3 की परीक्षा के प्रश्नपत्रों को लीक किया गया है। इसी तरह से केके मिश्रा ने भी इंटरनेट मीडिया के माध्यमों पर ऐसे ही स्क्रीन शाट का पोस्ट डाला गया है। प्रश्नपत्रों को लीक करने का मुझ पर गंभीर आरोप लगाया गया है। इस पर दोनों आरोपितों के खिलाफ धारा 419, 469, 470, 500, 504, 120बी भादवि 3 (1)Q.R. 3 (2)5क एससी/एसटी एक्ट का पाया जाने से अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया।



इनका यह है कहना।

धन्यवाद सरकार,अन्य मामलों में मुझे डरा और खरीद नहीं पाए तो एट्रोसिटी एक्ट का दुरुपयोग कर एफआइआर दर्ज कराई। मुझे खुशी होती कि इसके पहले शिक्षक भर्ती वर्ग 3 परीक्षा धांधली को लेकर दोषियों के खिलाफ एफआइआर होती थी। सच व भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने से न तब डरा था, न आगे भी डरूंगा।

केके मिश्रा कांग्रेस नेता ने केस दर्ज होने के बाद ट्वीट किया

मैं झूठी एफआईआर से डरने वाला नहीं हूं। बेरोजगारों के कर आवाज उठाता रहूंगा,घोटाले उजागर करता रहूंगा । एट्रोसिटी एक्ट के तहत फर्जी कायमी, जातीय उत्पीड़न कहा हुआ है।

डा आनंद राय ने इंटरनेट मीडिया पर लिखा

एट्रोसिटी एक्ट वीपी सिंह सरकार ने लागू किया था परंतु उसका पोषण कांग्रेस ने किया। भाजपा की मोदी सरकार ने 2016 में उसमें संशोधन कर साधारण अपराधों को भी शामिल कर लिया। भाजपा अपने विरोधियों को निपटाने इसका उपयोग कर रही है केके मिश्रा जैसे धारदार प्रवक्ता को दबाने का यही तरीका बचा था।

सपाक्स राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी


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