GA4

#Justice_For_Dr_Archana मरीज के खून की कमी से मौत पर डाक्टर पर हत्या के अभियोग से क्षुब्ध डाक्टर नें की आत्म हत्या, आखिर राजनेता व प्रशासन गैर दलितों को नही देखना चाहते जिंदा।

Spread the love
आखिरी सच वांट
आखिरी सच वांट

डाक्टर अर्चना जो की गोल्ड मेडलिस्ट थीं की मौत से दु:खी सनातनियों नें माईक्रोब्लागिंग वेब साइट ट्वीटर पर हैज़ टैग शुरू किया है, उक्त महिला का सुसाइड नोट देखा जा सकता है, उस महिला के दिल में हो रही धड़कन को महसूस भी किया जा सकता है, यह समाज विशेष को बर्बाद करनें का सरकार नियोजित कुचक्र है। जिसके विरोध में #Justice_For_Dr_Archana चलाया है, जो कि सरकारी तंत्र से गैर दलितों के उत्पीड़न के खिलाफ एक मोर्चा है, सभी राजनैतिक पार्टियों के गैर दलित नेंताओं को अब चुप्पी तोड़नी ही पड़ेगी अन्यथा देश को बंटाधार से कोई भी नही बचा पायेगा।

डिलीवरी के दौरान महिला की मौत के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल की डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया। महिला की मौत पर परिजन हंगामा कर रहे थे। डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज कराया था। डॉक्टर डिप्रेशन में आ गई थी। मंगलवार सुबह 11 बजे महिला डॉक्टर ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मामला दौसा जिले के लालसोट का है।

डॉ. अर्चना शर्मा (42) और उनके पति डॉ. सुनीत उपाध्याय (45) का लालसोट में ही आनंद हॉस्पिटल है। लालसोट के खेमावास निवासी लालूराम बैरवा अपनी पत्नी आशा देवी (22) को डिलीवरी के लिए सोमवार सुबह हॉस्पिटल लेकर आया था। दोपहर में डिलीवरी के दौरान आशा की मौत हो गई। नवजात सकुशल है। घरवालों ने मुआवजे की मांग को लेकर देर रात ढाई बजे तक हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन किया। गुस्साए घरवालों ने लालसोट थाने में रिपोर्ट दी थी। डॉ. अर्चना शर्मा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। डॉ. अर्चना डिप्रेशन में आ गई थीं।

8 साल से हॉस्पिटल चला रहे डॉक्टर दंपती
डॉ. अर्चना शर्मा प्रसूति विशेषज्ञा थीं और पति डॉ. सुनीत उपाध्याय न्यूरो साइक्रेट्रिस्ट है। 8 साल से डॉक्टर दंपती हॉस्पिटल चला रहे हैं। हॉस्पिटल के डॉक्टर्स का कहना था कि ज्यादा ब्लड बहने से आशा की मौत हो गई थी। परिजन हत्या का आरोप लगा रहे थे। महिला डॉक्टर के परिजन वंदना शर्मा ने बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे तीसरी मंजिल पर स्थित डॉक्टर डॉ. अर्चना शर्मा के पास गई तो कमरे का दरवाजा बंद था। गेट खटखटाया व आवाज लगाई, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। अर्चना के पति को बताया। वे कमरे तक पहुंचे और गेट खोलने का प्रयास किया। दरवाजा नहीं खुला तो धक्का मारकर उसे खोला गया। कमरे में डॉक्टर अर्चना फंदे पर लटक रही थीं।


डाक्टर अर्चना का सुसाइड नोट


मौत के कारणों की जांच कर रहे हैं
लालसोट थाना प्रभारी अंकेश चौधरी ने बताया कि डॉ. अर्चना शर्मा ने सुसाइड कर लिया है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसके कमरे की तलाशी ली जाएगी। घरवालों की ओर से अभी पुलिस में कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमाॅर्टम कराया गया। मौत के कारणों की जांच कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

22 वर्षीय महिला आशा देवी बैरवा की मौत के मामले में बीती देर रात हाईवोल्टेज ड्रामा चला, जहां पीड़ित परिवार के साथ भाजपा नेताओं ने रात करीब 12 बजे तक अस्पताल के बाहर धरना दिया। इससे पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए, देर रात समझौता वार्ता के बाद धरना खत्म हुआ तब पुलिस ने राहत की सांस ली। दरअसल, महिला की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर हंगामा कर दिया तथा मृतक महिला के शव को रखकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा अगर प्रसूता की तबीयत ज्यादा खराब थी तो उसे रैफर किया जा सकता था, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी जान चली गई।

देर रात कई मांगों पर बनीं थी सहमति
इस दौरान लोग अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने, मुआवाजा दिलवानें तथा दोषी लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे। जहां देर रात भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र गोठवाल की मौजूदगी में हुई समझौता वार्ता में पीडित परिवार को पानी के लिए सिंगल प्वाइंट, पीएम आवास योजना का लाभ देने व आर्थिक मदद के साथ कई मुद्दों पर सहमति बनने पर धरना खत्म हुआ। वहीं डिप्टी एसपी शंकरलाल मीना ने बताया कि मामले को लेकर आईपीसी की धारा 302 में मामला दर्ज कर लिया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा।


Share

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!