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सामान्य वर्ग के चंद लोगों द्वारा राजनीतिक पार्टियों की चाटुकारिता व सामान्य वर्ग के उत्पीड़न पर चुप्पी ने ली डॉ. अर्चना की जान : अभय कांत मिश्रा।

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नई दिल्ली (कार्यालय सवांदाता) आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता अभय कांत मिश्रा के दिशा निर्देश पर देश भर में डॉ अर्चना शर्मा को श्रद्धांजलियाँ दी जा रही है । जगह जगह नम आंखों से मृतका डॉ अर्चना शर्मा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही। दरसल पिछले दिनों राज्यस्थान के लालसोट में आनंद अस्पताल में एक प्रसूता का कॉम्प्लिकेटेड केस आया।

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जिसके बाद मशहूर गाइनाकोलॉजिस्ट डॉ अर्चना के नेतृत्व में महिला का इलाज शुरू कर दिया गया। लगातार दो घंटे काफी मशक्कत करने के बाद भी इलाज दौरान रक्तस्राव के चलते प्रसूता का देहांत हो गया। प्रसूता अनुसूचित जाति की होने के कारण वहां के भाजपा नेताओं ने अनुसूचित जाति में अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में अस्पताल के बाहर धरना लगा दिया। जिसमे 200 के लगभग भीड़ इक्कठी करके बीजेपी नेता शिव शंकर बलिया जोशी, हरकेश मटलाना, पूर्व विधायक जितेंद्र गोठवाल, बीजेपी सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा आ धमके और डॉक्टर अर्चना शर्मा व उसके पति डॉक्टर सुनीत शर्मा पर जाति उत्पीड़न का इल्जाम लगाते हुए, एस सी एस टी एक्ट सहित कत्ल की धाराएं लगाकर उन पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। जिसके बाद प्रशासन ने दबाव में आकर डॉ अर्चना शर्मा व उसके पति डॉक्टर सुनीत शर्मा के खिलाफ संगीन धाराएं लगाकर मामला दर्ज कर लिया। जिसके बाद डॉ अर्चना शर्मा ने अपने ऊपर लगे झूठे आरोपों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। जिसके बाद मृतिका डॉक्टर अर्चना शर्मा के पति डॉ सुनीत ने एक वीडियो बयान जारी कर, सच्चाई बताते हुए सामान्य वर्ग की आत्मा तक को झिंझोड़ कर रख दिया। वीडियो में उन्होंने बताया कि भाजपा नेता पैसों की मांग कर रहे थे, वही प्रसूता के पति द्वारा कहा गया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे, क्योंकि अस्पताल प्रशासन ने अपनी तरफ से मेरी पत्नी की जान बचाने की पूरी कोशिश की थी, मृतक प्रसूता के पति ने बताया कि उससे जबरन साइन लिए गए। बीजेपी नेता शिवशंकर बलिया जोशी जो पहले भी आनंद हॉस्पिटल से कई बार फिरौती लेने की कोशिश कर चुके थे, जिसको लेकर अस्पताल ने उसके खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन डॉक्टर किरोडी लाल मीणा के चलते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। वह इलाके का हिस्ट्रीशीटर है और कई अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहता है।

अभय कांत मिश्रा
राष्ट्रीय अध्यक्ष
आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति

अधिवक्ता (सर्वोच्च न्यायालय)

जब इस संदर्भ में आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सामान्य वर्ग के प्रमुख नेता अधिवक्ता अभय कांत मिश्रा से मुलाकात की गई तो उन्होंने नम आंखों से भावुक होते हुए कहा की सामान्य वर्ग पर हो रहे सरकारों की सामान्य वर्ग प्रति गलत नीतियों,संवैधानिक व राजनीतिक पार्टियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न पर सामान्य वर्ग की चुप्पी के कारण ही डॉक्टर अर्चना शर्मा की जान गई है। श्री मिश्रा ने कहा की आज के समय सामान्य वर्ग अपने समाज के प्रति जागरूक होने की बजाय राजनीतिक पार्टियों का तलचट्टू बनकर रह गया है। भावनात्मक स्वर में अबे कहां तो मिश्रा ने सामान्य वर्ग को अपील करते हुए कहा की यदि हम आज भी राजनीतिक पार्टियों व संवैधानिक उत्पीड़न के विरुद्ध एकजुट ना हुए तो सामान्य वर्ग के लोग ऐसे ही बलि का बकरा बनते रहेंगे। देशभर में देखा गया है की डॉ अर्चना शर्मा के हुए मानसिक उत्पीड़न व उन पर लटकाई गई एससी एसटी एक्ट की तलवार, जिस कारण डॉ अर्चना को अपनी जान तक गंवानी पड़ी जैसे भयानक हादसे से आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति के कार्यकर्ताओं सहित सामान्य वर्ग में काफी रोष पाया जा रहा है । समिति के नेताओं का मानना है की अर्चना शर्मा ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उनका कत्ल हुआ है। भले ही इस मामले में भाजपा के पूर्व विधायक जितेंद्र गोठवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन समिति के सदस्य फोटो सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ गए जो भाजपा के रसूक के चलते खुले में घूम रहे हैं।

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