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मुख्य दोषी अभी तक स्वतंत्र, क्षुब्ध होकर देश के विभिन्न संगठनों नें संयुक्त रूप से माईक्रोब्लागिंग वेबसाइट ट्वीटर पर चलाया हैज़ टैग।#अयोध्या_की_कन्या_मांगे_न्याय

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आखिरी सच वांट
आखिरी सच वांट

पुलिस के मुताबिक, घटना अयोध्या के कोतवाली थाना इलाके की है। 16 मार्च की शाम को यहां एक भंडारा चल रहा था। बच्ची जिस मोहल्ले में रहती है वहां के सारे लोग इस भंडारे मे शामिल हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने बच्ची को वहां से किडनैप किया, उसे पास के खंडहर की झाड़ियों में ले गए। उसका रेप किया गया। आरोपी बच्ची को तड़पता हुआ ही झाड़ियों में छोड़कर फरार भी हो गए थे। अयोध्या के पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडे ने बताया, घटना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के बैराग पुरा क्षेत्र की है। नाबालिग बच्ची अपने दोस्तों के साथ लुका – छिपी खेलने के दौरान शाम को लापता हो गई थी।

https://twitter.com/sanjaypatijp/status/1511358588731592707?t=t0O9_jtuaVMf9f3QLxX0Vw&s=19

परिजनों की तलाश में रात करीब साढ़े नौ बजे वह घर से कुछ दूरी पर एक सुनसान जगह से मिली। “इसके बाद बच्ची को नजदीक के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे जिला महिला अस्पताल में रिफर किया गया। बच्ची की हालत गंभीर थी, उसे ब्लीडिंग ज्यादा हो रही थी, इसे देखते हुए उसे लखनऊ रिफर किया गया था।


शोभित भरद्वाज
शोभित भरद्वाज

जनता का गुस्सा तब खुलकर सामने आने लगा। 16 मार्च को इस मासूम के साथ दरिंदगी और हैवानियत की हदें पार हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने एक आरोपी राजन माझी को मुख्य आरोपी बता कर जेल भेज दिय था, लेकिन, 22 मार्च को सोशियल मीडिया में तेजी के साथ एक वीडियो वायरल हुआ उस वीडियो में पीड़ित बच्ची एक नहीं तीन लोगों के घटना में शामिल होने की बात कहती नजर आ रही है। साथ ही मासूम ने कहा कि दरिंदगी करते वक्त आरोपियों ने उससे कहा था कि तुम मरोगी, तभी हम जिंदा रहेंगे। जिसमें टेंट मालिक का लड़का शुभम् व उसका बाप बराबर दोषी हैं, जिसे शहर विधायक का संरक्षण प्राप्त है।

आखिर क्यों नही किया कोतवाली पुलिस नें एफाईआर सार्वजनिक



आज घटना के 21 दिन बीत जानें पर भी पुलिस विभाग के UPCOP APP के पोर्टल पर मुकदमा क्रमांक 100 सार्वजनिक नही किया गया, वही क्षेत्राधिकारी शहर अयोध्या विधायक जी के दिशानिर्देशों को अक्षरशः मानते हुए पीड़ित के समर्थकों को भी डरानें धमकानें कर मुह बंद करने का व कुछ पैसों को दिलाकर मामला रफा दफा करवानें का प्रयास कर रहें है। जहाँ मौके पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया और घटना का मुख्य आरोपी बताते हुए उसे घटना के 12 घंटे के अंदर जेल भेज दिया। लेकिन पिछले 14 दिनों से इस घटना में दो अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है । जिसको लेकर के अयोध्या पुलिस आखिर किसके दबाव में उन्हें बचा रही है?

शामिल होने की बात कही जा रही है। जिसको लेकर के स्थानीय लोग प्रदर्शन करते भी नजर आए। 23 मार्च देर शाम अयोध्या की सड़कों पर लोग पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए स्लोगन की तख्ती और नारेबाजी करते हुए अयोध्या की सड़कों पर निकले। सड़कों पर बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने प्रदर्शन किया और आरोपी को फांसी और आरोपी की मदद करने वाले लोगों को भी हिरासत में लेने की मांग की। हालांकि पुलिस ने कहा कि घटना में मात्र एक व्यक्ति शामिल था जिसे हिरासत में ले लिया गया है और उसे जेल भेजा जा चुका है।



वीडियो वायरल होने पर अयोध्या पुलिस ने साध ली चुप्पी

लेकिन 7 साल की मासूम के साथ हुई हैवानियत में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अपने साथ हुई दरिंदगी का बयान एक मासूम करती नजर आ रही है। जब इस वीडियो के बाबत पीड़िता की मां से पूछा गया तो उन्होंने स्वीकारा कि हमारी बेटी का ही वीडियो है और इस घटना में शामिल दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार करना चाहिए। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। पीड़िता अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि घटना में शामिल लोगों को हम अपने हाथ से पीटना चाहते हैं।

पीड़िता के पिता नें बताया पीड़ित बच्ची के पिता ने बताया कि अभी तक पुलिस और शासन प्रशासन से कोई सहायता नहीं मिली है। कुछ लोगों ने मदद जरूर कि है, जिससे इलाज करा पाना संभव हो रहा है। पिता ने बच्ची का इलाज कर रही केजीएमयू की चिकित्सक डॉ. अर्चिका गुप्ता से भी बात कराई। बच्ची का इलाज कर रही महिला चिकित्सक की मानें तो अभी हालत में विशेष सुधार नहीं हुआ है। बच्ची को मानसिक और शारीरिक बहुत क्षति पहुंची है, जिससे वह सदमें में चली जाती है और कभी – कभी चीख उठती है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि पहला मेजर आपरेशन किया जा

चुका है लेकिन बच्ची के तीन माइनर आपरेशन और होंगे जो हर दो – दो माह में तीन बार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कम आयु की वजह से बच्ची के शरीर के भीतरी हिस्से में कई इंजरी है, जिसे ठीक करने में समय लगेगा। इसलिए पुलिस या अन्य किसी को अभी मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पीडित बच्ची के पिता ने बताया डॉक्टर पहले आपरेशन के बाद एक सप्ताह में छुट्टी देने की बात कह रहे हैं। लेकिन हर दो माह पर आपरेशन के लिए लाना होगा। उसने बताया कुछ दिन पहले कोतवाल अयोध्या आए थे बयान लेने, लेकिन लौट गए। चिकित्सक ने इजाजत नहीं दी।


दंगा कराकर दबवा दिया आवाज
दंगा कराकर दबवा दिया आवाज

वहीं अभी तक पुलिस का केस के सन्दर्भ में अड़ियल रवैये से आगे कार्यवाही  बन्द हैं व दोनों मुख्य दोषी अभी तक स्वतंत्र हैं, से क्षुब्ध होकर देश के विभिन्न संगठनों नें संयुक्त रूप से माईक्रोब्लागिंग वेबसाइट ट्वीटर पर चलाया हैज़ टैग।#अयोध्या_की_कन्या_मांगे_न्याय

डोनेशन
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