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सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर की जमीन बेंच दी सगे भाई पाठक नें, विरोध करना पड़ा भारी जैतपुर पुलिस का संरक्षण, पीड़ित व बेटे का शोषण जारी।

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मध्यप्रदेश। जनपद सतना के थाना जैतवारा के जैतवारा वार्ड नम्बर 13 निवासी नंद किशोर पाठक पुत्र श्री सियालाल पाठक सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर के पद से जम्मू कश्मीर रजौरी से 90 किमी० दूर केवी सेक्टर से सन् 2019 में रामगढ़ कैण्ट झारखण्ड से सेवानिवृत्त हुए, व पैतृक आवास आये, तबसे अबतक नवल किशोर पाठक व उनके परिवार के बड़े भाई का लड़का जो कि नशेडी़ है, का अत्याचार आजतक उक्त सेवानिवृत्त सैनिक के परिवार दबंग परिजनों द्वारा पुलिसिया सहयोग से जारी है।



यहां तक की पिता द्वारा सभी को समान बंटवारे में प्रदत्त जमीन भी उक्त दबंग भाई नें सेवानिवृत्त सैनिक की 40*38 फुट की जमीन जो कि मुख्य मार्ग पर थी एक भू माफिया वकील के हाथों बेंच दी है। जिसका विरोध करनें पर लगातार उक्त दबंग द्वारा पीड़ित परिवार का शोषण स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से किया जा रहा है जिसके क्रम में पुलिस भी दबंग को पोषण प्रदान करती है। आईये सुनते हैं पीड़ित परिवार की कहानी उसी पीड़ित परिवार के अगले उत्तराधिकारी शिवेंद्र पाठक की जुबानी।



“२३-२४ अक्टूबर २०२१ को बड़े पापा के बेटे चंद्रकांत पाठक ने आकर मेरे साथ झगड़ा किया और भाला ला कर जान से मारने की कोशिश की, पुलिस को बताया गया परंतु कोई कार्यवाही नही हुई, २९ दिसंबर को जब मैं अपने घर में ऑफिस का काम कर रहा था रात्रि करीब ८ बजे के आस पास चंद्रकांत मेरे घर आया और पत्थर फेंकने लगा।



अश्लील गालियां देते हुए मुझ पर भाले से मारा मैने पुलिस को १०० डायल कर रिपोर्ट दर्ज कराई और थाने गया वहा भी कोई कार्यवाही नही हुई, थाने पर भी चंद्रकांत पाठक ने गालियां दी और जान से मारने की धमकी दी पुलिस के अफसर वही बैठे थे, परंतु कोई कार्यवाही नही हुई।

मैने फिर १८१ सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज की, अगले दिन पुलिस में मेरे ऊपर ही FIR कर दी चंद्रकांत के साथ मिली भगत कर, ३१ दिसंबर को चंद्रकांत पाठक ने मेरे और मेरे पिताजी के ऊपर फिर प्रहार किया और इस बार उसके पिताजी और परिवार भी शामिल था, हम थाने गए और पुलिस ने हमारी शिकायत दर्ज नहीं की और समझौता करा के वापस भेज दिया।



५ जनवरी को मुझे थाना बुला कर मेरे और मेरे पिताजी पर झूठी एफआईआर दर्ज थानेदार सुरभि शर्मा एएसआई मार्तंड सिंह, देव नारायण उपाध्याय के द्वारा करवा दी जाती है। इसका हमने विरोध किया और १८१ सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।



इसके बाद पुलिस हमारे पीछे हाथ धो कर पड़ गई और २६ फरवरी को थाने में मेरे और मेरे पिताजी के साथ मार पीट की गयी और गैर कानूनी तरीके से हथकड़ी पहनाई और प्रताड़ित करते रहें।”

उपरोक्त शब्दों का यदि अक्षरशः अवलोकन किया जाय तो परिवार की पीड़ा व पुलिस के उत्पीड़न की कहानी बेहतर समझी जा सकती है, लेकिन इस सबके बाद भी मध्य प्रदेश व सतना का प्रशासन मौन है।


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