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पंजाब सरकार के फ्री बिजली निर्णय में सवर्णों के साथ सौतेले व्यवहार का खामियाजा भुगतेगी मान सरकार- आ.सं.स.स।

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पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार ने चुनावी वादा निभाया और राज्य के लोगों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा कर दी है। सरकार ने शनिवार को ऐलान किया कि 1 जुलाई से 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। हालांकि, इसमें कुछ शर्तें भी शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली सरकार ने 31 दिसंबर तक के कुछ बिजली बिलों को माफ  करने का फैसला भी किया है।

सीएम मान ने कहा कि अगर कोई घर दो महीने में 600 यूनिट से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करता है, तो उन्हें पूरे बिल का भुगतान करना होगा। वहीं, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और गरीबी रेखा से नीचे परिवार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भी 600 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी, लेकिन अगर ये दो महीनों में 600 यूनिट से ज्यादा बिजली उपयोग करते हैं तो केवल अतिरिक्त बिल ही चुकाना होगा।



खास बात है कि इन परिवारों को पहले 200 यूनिट बिजली मुफ्त मिल रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ नहीं बढ़ाए जाएंगे और कृषि क्षेत्र के लिए भी मुफ्त बिजली जारी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘यह फैसला 80 फीसदी परिवारों के लिए फायदेमंद होगा।’

मान ने दावा किया है कि पंजाब में करीब 73 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। इनमें से 61 लाख लोगों को फायदा होगा। सरकार ने 2 KW लोड बिजली वाले 31 दिसंबर 2021 तक के बिल माफ करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, ‘लोगों को मुफ्त और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में ट्रांसमिशन लॉस, कोयला की कमी और कानूनी मुद्दों जैसी अड़चनें हैं। हम इन्हें दूर करने के लिए काम कर रहे हैं।



मान के सवर्ण समुदाय के साथ दोगली नीति का आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति करेगी आर पार।

जैसा कि आरक्षण संघर्ष समन्वय नें पंजाब सरकार के द्वारा सवर्ण विरोधी नीतियों के कारण विरोध का बिगुल फूँक दिया है, प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब प्रांत में आज 300 यूनिट से ज्यादा प्रयोग की दशा में सवर्ण समुदाय को पूरा बिल देनें जैसे बचकाने निर्णय आखिर क्यो लिये गये क्या हम यह मानें कि आम आदमी पार्टी की सरकार भी खास आदमी की सरकार बननें को आतुर है, जो निंदनीय है, मोहन भागवत को ईश्वर सद्बुद्धि दे जिससे तार्किक मूल्याकंन की मान की क्षमता में पुनः इजाफा हो और सही परिभाषा संचयन का विवेक आये जो सामाजिक उत्थान का कारण बनें।


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