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ज्ञानवापी तथाकथित मस्जिद के वुजुखानें का सच, ज्ञानवापी को आखिरी सच नें सर्वे के पहले ही सनातनियों की सम्पत्ति कहा था।

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ज्ञानवापी तथाकथित मस्जिद के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज (मंगलवार को) सुनवाई होगी। इस बीच, ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर शिवलिंग मिलने पर हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन का बयान सामने आया है। विष्णु जैन ने कहा कि सोमवार को ज्ञानवापी सर्वे के दौरान, मस्जिद के वुजूखाने में बड़ा शिवलिंग मिला। इसके तुरंत बाद हमने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया कि इस साक्ष्य की सुरक्षा करनी चाहिए। फिर कोर्ट ने वुजूखाने को सील करने का आदेश दिया।

वुजूखाने में दिखा बड़ा शिवलिंग

उन्होंने कहा कि जब वहां सर्वे किया जा रहा था तब वहां पर जो वुजूखाना है, वुजूखाने के बीच हमने कुएं की एक दीवार देखी। फिर मैंने एडवोकेट कमिश्नर से रिक्वेस्ट की कि वुजूखाने से पानी को खाली कराया जाए। जब पानी को खाली कराया गया तब हम कुएं की उस दीवार तक पहुंचे। वहां देखा कि काफी बड़ा शिवलिंग है. इसका करीब 4 फीट व्यास होगा। ये करीब ढाई से तीन फीट लंबा होगा। मुझे लगा कि वो और नीचे तक जा रहा है। ये बात कोर्ट के संज्ञान में लानी जरूरी थी।

#WATCH During survey of #Gyanvapi mosque y’day, we found a large ‘Shivling’ inside ‘wazukhana’at the mosque. Immediately, we moved an application in court to secure this important piece of evidence. Court ordered to seal ‘wazukhana’:Lawyer Vishnu Jain, representing the Hindu side pic.twitter.com/ZoOJmfTlrf

— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) May 17, 2022

हिंदू पक्ष की मांग पर कोर्ट ने दिया ये निर्देश

विष्णु जैन ने आगे कहा कि शिवलिंग दिखने के बाद हमने कोर्ट में एप्लीकेशन मूव की और मांग की कि ये जरूरी साक्ष्य है और इसकी सुरक्षा की जानी चाहिए। फिर कोर्ट ने सीआरपीएफ के कमांडेट को ये निर्देश दिया कि उस जगह की सुरक्षा की जाए। ये उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी भी इसको मॉनिटर करेंगे।

नहीं बनता वुजु करने का औचित्य

उन्होंने कहा कि वो जगह अभी पूरी तरह से सील कर दी गई है। जहां शिवलिंग मिला है वहां किसी भी तरह का वुजू करने का औचित्य ही नहीं बनता है। इसीलिए कोर्ट ने वुजूखाने के एरिया को सील करने का आदेश जारी किया है। मुझे लगता है कि कोर्ट के सामने जब रिपोर्ट पेश होगी तो वो इसमें ऑर्डर देगा।

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के शिवलिंग के फव्वारा होने के दावे पर विष्णु जैन ने कहा कि शिवलिंग और फव्वारे की बीच का अंतर हमें समझ में आता है। अगर फाउंटेन होगा तो उसमें नीचे पूरा सिस्टम होगा। हिंदू पक्ष की और मेरी नजर में वो एक शिवलिंग है।

देखिये विस्तृत जानकारी वुजुखाने में विशाल शिवलिंग कैसे मिला? पूरी कहानी… चश्मदीद की जुबानी

ज्ञानवापी के सर्वे टीम के सदस्य आर पी सिंह से मीडिया से 16 मई को बात की। आर पी सिंह उस वक्त सर्वे टीम के ही साथ ही थे जब ज्ञानवापी के वुजुखाने के अंदर शिवलिंग मिला।

आर पी सिंह ने मीडिया को बताया कि कोर्ट की तरफ से नए कमिश्नर नियुक्त किए गए विशाल सिंह ने सर्वे के दूसरे दिन परिसर में ये कहा कि अब ज़रा वुजूखाने को भी एक बार देख लिया जाए। दरअसल ये वजूखाना एक तालाब जैसा लग रहा था जिसके तीन तरफ 10-10 नल लगे हुए थे, चौथी तरफ एक नाली बनी हुई थी जहां से पानी बाहर निकलता था। इस तालाब नुमा वजूखाने के बीच में एक और गोल घेरे की दीवार थी।

इसी गोल घेरे की दीवार के पास आकर दूसरे दिन का सर्वे रुक गया था क्योंकि उस वुजुखाने के तालाब में पानी भरा हुआ था। तीसरे दिन तालाब से पानी बाहर निकलवाया गया। जब पानी बाहर निकला तो कुएं नुमा दीवार का गोल घेरा मिल गया। ये एक गहरी जगह थी इसलिए एलुमिनियम की एक सीढ़ी मंगवाई गई और इस सीढ़ी पर एक व्यक्ति को चढ़ाया गया।



पहले उस व्यक्ति ने तालाब के अंदर गोल घेरे की दीवार साइड के बाहर मौजूद कीचड़ में बांस डालना शुरू किया । बांस कीचड़ में धंस जा रहा था । इसके बाद सीढ़ी लगाकर उस वजूखाने के बीच में मौजूद जमीन को बांस से चेक करने की कोशिश हुई।

एक जगह ऐसी मिली जहां पर बांस अंदर नहीं जा रहा था। ऐसी आवाज आई… जिसमें बांस के टकराने से खटखट की आवाज आ रही थी। ऊपर थोड़ा सी सफाई करते ही शिवलिंग नजर आया।

हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने भी कहा कि तालाब के अंदर छोटे कुएं नुमा स्ट्रक्चर था और उसके अंदर शिवलिंग मिला है। निश्चित रूप से ये शिवलिंग 500 साल से भी ज्यादा प्राचीन हो सकता है, क्योंकि ऐतिहासिक विवरणों के मुताबिक काशी विश्वनाथ का मंदिर तीन बार तोड़ा गया। लेकिन शिवलिंग तोड़ा गया या फिर नहीं इस बारे में कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलता है। कई तरह की बातें कही जाती हैं। एक बात तो ये भी कही जाती है कि एक ब्राह्मण शिवलिंग को लेकर कुएं में कूद गया था। नाना प्रकार की कथाएं प्रचलित हैं ये भी हो सकता है कि कुएं से शिवलिंग को निकालकर वुजूखाने में स्थापित कर दिया गया हो ताकी हिंदुओं को अपमानित किया जाता रहे।

आखिरी सच परिवार को दर्द यह है कि…?

हमारे अराध्य महादेव के पार्थिव शिवलिंग पर सदियों तक वुजु किया जाता रहा। कुल्ला किया जाता रहा। हाथ पैर धोया जाता रहा। मुस्लिम समाज के बड़े बड़े आलिम उलमाओं को इस पर क्षमा प्रार्थना करनी चाहिए ताकी हिंदुओं के मन को कुछ शांति मिल सके। एक और सवाल ये भी है कि इतने दिनों तक एक मंदिर पर कब्जा करके नमाज पढ़ी जाती रही सवाल ये है कि क्या किसी मुसलमान के मन में पीड़ा नहीं उठी कि वो इस देश की सनातन संस्कृति का अपमान करते रहे हैं? इस वक्त भी देश में हजारों ऐसे मंदिर हैं जिनको तोड़कर मस्जिद बनाई गई और इस बात के ऐतिहासिक प्रमाण यानी बादशाही फरमान भी उपलब्ध हैं। जबरदस्ती कब्जाए गए मंदिरों में नमाज पढी जा रही है और नमाज पढ़ने के बाद बाहर निकलकर गंगा जमुनी तहजीब के झूठे दावे भी किए जाते हैं।


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