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सटोरिये के निर्देशन पर कार्य कर रहे तीन दरोगा व तीन कांस्टेबल किये गये सस्पेंड, कारण जाननें के लिये पढ़ें आखिरी सच की यह रिपोर्ट।

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आगरा के थाना जगदीशपुरा के तीन दरोगा और तीन सिपाहियों को मंगलवार रात एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने निलंबित कर दिया। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि दो लोगों को अवैध तरीके से पकड़कर थाने लाए। आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से हिरासत में रखा। छोड़ने के लिए वसूली की। इसके बाद भी कार्रवाई की। मामले में शिकायत मिलने पर हुई जांच में पुलिसकर्मी दोषी पाए गए।

दारोगा ऋषिपाल सिंह, मनोज कुमार, अर्जुन प्रताप सिंह और सिपाही राजीव कुमार, दीपक राणा व गौरव डागर ने गैंगस्टर सटोरिया सनी कबाड़िया की सांठगांठ की। दो लोगों जितेंद्र सिंह और अमित कुमार को अवैध रूप से पकड़कर थाने लाए। हिरासत में रखकर छोड़ने के लिए सौदेबाजी कर वसूली की। इसके भी उनके खिलाफ कार्रवाई की। मामले की शिकायत मिलने पर एसएसपी ने जांच कराई। प्रारंभिक जांच में तीनों दारोगा एवं तीन सिपाही दोषी पाए गए।

एसएसपी ने बताया कि दस दिन पहले थाना जगदीशपुरा पुलिस ने कोठी मीना बाजार स्थित रावत पेट्रोल पंप से अमित कुमार और जितेंद्र सिंह को पकड़ा था। दोनों को जुआ अधिनियम में गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। इस मामले में अवैध तरीके से पकड़ने और आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से हिरासत में रखने की शिकायत मिली थी। इस पर प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए गए।



गैंगस्टर से सांठगांठ कर की वसूली

एसएसपी के मुताबिक, जांच में पता चला कि पुलिसकर्मियों ने गैंगस्टर सनी कबाड़िया से सांठगांठ की। उससे दो लाख रुपये लिए गए थे। उसने अमित कुमार और जितेंद्र सिंह को पकड़ने के लिए यह रकम दी थी। मगर, पुलिसकर्मियों ने दोनों को पकड़ने के बाद हिरासत में रखा।

दोनों को छोड़ने के लिए भी रकम की वसूली की गयी। मगर, इससे पहले मामला अधिकारियों तक पहुंच गया। तब अमित और जितेंद्र के खिलाफ जुआ अधिनियम में कार्रवाई करके जेल भेजा गया। प्रारंभिक जांच में तीन दरोगा और तीन सिपाही दोषी पाए गए हैं। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जा रही है।

सनी कबाड़िया का कोर्ट में समर्पण

थाना जगदीशपुरा पुलिस ने बताया कि 12 मई को गैंगस्टर एक्ट में वांछित सनी कबाड़िया पर एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उस पर 14 मुकदमे दर्ज थे। इनमें ज्यादा जुआ अधिनियम से संबंधित थे। वह फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी थी। मंगलवार को उसने कोर्ट में समर्पण कर लिया। उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी।

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