GA4

सुनील त्रिपाठी उत्पीड़न पर यह रिपोर्ट, सम्मानित जनता यदि गोण्डा की तंत्रलोकी व्यवस्था को बदलना चाहती है, तो पोल में हिस्सा जरूर लें।

Spread the love

गोण्डा पुलिस की कार्यप्रणाली मूल्यांकन का 7 जून होगा आखिरी दिन।

इसे भी पढ़ें:-

सुनील त्रिपाठी उर्फ तिवारी के बर्बर पुलिसिया उत्पीड़न का सच, अपनी ही बेटी के बलात्कारी की नियोजित साजिश व विधायक प्रतीक भूषण सिंह के राजनैतिक विरोध का प्रभाव भुगत रहा परिवार।

गोण्डा की सम्मानित जनता यदि गोण्डा की तंत्रलोक व्यवस्था को बदलना चाहती है, तो पोल में हिस्सा जरूर लें।

इसे जरुर पढ़ेंः-

पुलिसिया उत्पीड़न के शिकार सुनील त्रिपाठी की याददाश्त चली गयी, आखिरी सच की रिपोर्ट के बाद प्रशासन नें मेडिकल करवाया आज, मां व पत्नी की मिलाई की बात नही रही याद, लखनऊ किया गया रिफर। 

https://aakhirisach.com/wp-content/uploads/2022/02/IMG-20220222-WA0011.jpg

जिनके हिसाब से गोण्डा पुलिसिंग बढ़िया य बहुत बढ़िया हो वह भी मतदान में हिस्सा जरूर लें।

इसे भी जरूर पढ़ेंः-

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश, बृजभूषण शरण सिंह के सामनें बौना, आखिर क्यों नही भेजा गया सुनील त्रिपाठी को इलाज के लिये लखनऊ, जबकि डाक्टर नूपुर पाल नें किया था रिफर।

दिनांक 12 अप्रैल 2022 की उपरोक्त पोस्ट जो कि सुनील त्रिपाठी की फेसबुक टाइम लाइन पर है जिसमें गोंडा जिले की एक पानी की टंकी की दुर्दशा को दर्शाया गया है। जो सन् 2019 – 2020 के दौर में बनीं थी, लेकिन निर्माण कार्य अभी भी पूरा नही हुआ है। पानी सप्लाई का काम अभी भी नही शुरू हो सका है।

वहीं 11 अप्रैल को अपनी फेसबुक पोस्ट में गोंडा पुलिस को सबसे घटिया होनें का तमगा सुनील त्रिपाठी नें दिया था। जिसमें उन्होंनें अपनें ही साथ हुई मारपीट की घटना मे शिकायत न दर्ज किये जाने को प्रमुख मुद्दा बनाया था।

वहीं योगी सरकार में गोण्डा प्रशासन से श्रृष्टि अग्रवाल बेटी जो कि अपनें सगे बाप व सौतेले भाई के दुर्व्यवहार, शारीरिक, आर्थिक व मांसिक उत्पीड़ित बिटिया व उसकी मां के लिये भी टी स्टाल के लिये बेहतर स्टाल व सहयोग दिलाये जानें की बात कही थी।

इसे भी जरूर पढ़ेंः-

3435/ 2022 पीड़िता बनाम भगवान दास अग्रवाल आदि, थाना महिला, थाना जनपद गोण्डा दिनांक 01.06.2022 पत्रावली आदेश, देखिये और समझिये सुनील त्रिपाठी कैसे निर्दोष…?


नगर पालिका परिषद के द्वारा ध्यान न दिये जानें के कारण हुए अवैध निर्माण में एक युवक की मौत को भी त्रिपाठी नें उठाया था, जो प्रशासन व शासन के कामों पर प्रश्न चिंह था।


वही 17 अप्रैल को अपनी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से पुलिसिया कार्यप्रणाली पर एक तीखा प्रश्नवाचक प्रहार किया जिसमें उनके साथ हुई मारपीट में नामजद की जगह अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किये जानें पर प्रश्न जानने चाहे गथे थे।

सुनील त्रिपाठी नें श्रृष्टि अग्रवाल पिता, सौतेले भाई व स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रताड़ित बिटिया की चाय की दुकान खुलनें के सप्ताह पूर्ण होनें पर विटिया को शुभकामनाएं दी थी।

 

उपवन पार्क की बाउण्ड्री जो कि शहरी क्षेत्र में स्थित है, जो कि दुर्घटनाओं का कारण भी बन रही है, पर भी सुनील त्रिपाठी की कलम नही रूकी उसपर भी बेबाक आलोचनात्मक पोस्ट उन्होंनें अपनी अपनी फेसबुक टाइम लाइन पर डाली थी।

वहीं 10 अप्रैल को ही पोस्ट में उन्होनें उसी उपवन के पास मौत से संदर्भित एक पोस्ट खली थी जिसमें कांग्रेसी नेता हनुमान प्रसाद के पुत्र की आसमयिक मौत के दर्द से भी समाज को परिचित करवाने का काम किया था।

वहीं 18 अप्रैल की पोस्ट पर श्रृष्टि अग्रवाल की चाय की दुकाध और बेहतर आय कर सके के लिए फेसबुक पर लोगों से बिटिया की दुकान पर चाय पुनें का आग्रह किया व पता बताया।

 

एक बीमार मां की बेटी जो मां की हर जरेरत की पूर्ति के लिऐ लगातार प्रयासरत हो वह बेटी अपनी मां के लिये अभिमान व गौरव तो होगी ही।

विश्वास व ऊर्जा से परिपूरित थे त्रिपाठी जो उनका विशेष गुण था जो आपके लिये शारीरिक व मानसिक विकृति किये जानें के लिए पुलिस व स्थानीय शासन व प्रसाषन  वबराबर दोषी हैं।

जब 15 मार्च को त्रिपाठी पर हमला होता है तो प्रशासन नामजद तहरीर दिये जानें पर भी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गयी थी वहीं अप्रैल माह में सत्तापक्ष पर दुर्घटना होते ही तत्काल प्रशासन जग गया व शिकायत दर्ज कर ली मुद्दे पर भी बहुत ही करारा प्रहार सोशियल मीडिया के फेसबुक पर किया था। 

एक आर्थिक मजबूत दुराचारी व राजनैतिक संरक्षण प्राप्त बाप जो कि रूपये के दम पर सांसद व विधायक को जेब में रखता है की किरकिरी करना सबसे ज्यादा त्रिपाठी को नुकसानदेह रहा, कारण माननीय सांसद महोदय अपनें धनपशु आका की बेईज्ज़ती कतई नही बर्दास्त कर पा रहे थे।

इसे जरूर पढ़ें व वोट जरूर करें:-

श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन महोदय, नें गोण्डा पुलिस के चरित्र को लिखनें का अधिकार आमजन को दिया आखिरी तारीख 7 को- मैनें तो दिया खराब पर वोट आपकी क्या है राय – विपिन सिंह 

वहीं समय- समय पर पुरानी घटनाओं के पीड़ितों से उनका कुशलछेम पूछना उनको ढांढ़स बँधवाने का भी पुनीत काम त्रिपाठी करते ही रहते थे।

वहीं 16 अप्रैल को उन्होंनें मार्च माह में हुई घटना के पीछे विधायक भाजपा के नियोजन व स्वयं से राजनैतिक विरोधवश करवाये गये घृड़ित कार्य को फेसबुक के माध्यम से जनसामान्य के अवलैकध के लिये डाला था।

इसके क्रम में कोतवाली नगर के मुखिया से हुई बातचीत को भी त्रिपाठी नें ससमय फेसबुक पर अपडेट किया था।

15 मार्च को हुऐ हमले के क्रम में दोषियों पर नामजद शिकायत जो 15 मिर्च को ही फेसबुक पर जब अपडेट किया था तो किस आधार पर थाना कोतवाली नगर के ईमानदार कोतवाल पंकज सिंह नें कैसे अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की उसका आधार क्या था..? क्या त्रिपाठी नें कोई पत्र लिखकर थानाध्यक्ष को दिया था, यदि नही तो कैसे यह अज्ञात लोगों पर उक्त शिकायत लिखी गयी, आखिर निर्देशन किस महापुरूष का था।

मंडा नाला जिसमें की बड़ों- बड़ों का रसूख मिट्टी हो जाये लेकिन क्या मजाल जो मंडा नाला अतिक्रमण पर माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश का बुलडोजर चल जाये कारण प्रतीक भूषण सिंह विधायक भाजपा पुत्र बृजभूषण शरण सिंह सांसद के ओहदे के समक्ष योगी आदित्यनाथ जी का भी तिलिस्म व आदेश सब बौने जो होते हैं।

मंडा नाला व गोण्डा के नाला, नजूल नगरपालिका की जमीन व तालाबों को रसूखदारों नें आकाओं के आशीर्वाद से दबा रखा है, पर भी त्रिपाठी नें प्रशासन व शासन के ‘चोली दामन का साथ’ कहावत को चरितार्थ भी किया था।

देवी पाटन मंडल से एक भी मंत्री प्रदेश कैबिनेट में नही जोडा़ गया था पर भी बड़ा ही तथ्यपरक मूल्यांकन करते हुए एक समीक्षा भी फेसबुक पर प्रकाशित की थी।

राशनकार्ड धारकों को कम राशन दिये जानें के कारणों की समस्या का भी जमीनी मूल्याकंन करते हुए, इस सामाजिक विकृति की मुख्य वजह का भी भण्डाफोड़ त्रिपाठी नें अपनी फेसबुक टाइम लाइन पर किया था।

एक बाप व सौतेले भाई द्वारा बर्बरता व उदासीनता के दर्द को जब किसी नें नही सुना तो एक ही बंदा एक ही नाम गोण्डा के सुनील त्रिपाठी जिन्हें उनका संरक्षण व स्नेह पा चुके लोग भगवान की संज्ञा देते हैं, वहीं गरीबों की आह की आवाज आज गोण्डा के शासन व प्रशासन के आवैध गठजोड़ पर भारी पड़नें ही वाला है।


नगर पालिका गोण्डा में पुरानी ईटों द्वारा करवाये जा रहे अवैध सामग्री द्वारा विकास कार्य का भी विरोध त्रिपाठी नें बड़े ही समुचित व अपनी आक्रामक शैली के साथ की थी।

 

नरेन्द्र मोदी के फरमान सांसद के पुत्र को विधायक का टिकट नही दिये जानें के फरमान को भी गोण्डा व प्रदेश के साथ ही साथ राष्ट्रीय भाजपा के पास कोई ताकत नही रही जो गोंडा सांसद के पुत्र को विधायक का टिकट देनें से कोई रोंक सके। खैर जब नरेन्द्र मोदी भाजपा प्रबन्धन में जब गोंडा के बादशाह को न सुनने य न करनें की हिमाकत कौन करे।

देखिये गोण्डा पुलिस का धनपशुओं के टुकड़ों के कारण से दारा 307 को बदल कर कैसे आसान धाराओं में उसकी प्राथमिकी दर्ज की गयी।

गोण्डा से खुद को 2927 का प्रत्याशी घोषित करना व गोण्डा के विकास को नव आयाम देनें की बात कहना ही प्रतिक भूषण को नगवारा गुजरा था, जिस कारण 15 मार्च को उन पर हमला प्रतीक भूषण के ही नियोजन में करवाया गया।

हर विभाग की बाल में खाल निकालना कोई त्रिपाठी से सीखे, लेकिन आज जो त्रिपाठी के साथ हुआ वह बहुत ही बर्बर है, मानवाधिकार की तथाकथित बात करनें वगले, रामराज्य की बात करनें वाले य भारत को विश्वगुरु बनानें का ढकोसला करके दिवास्वप्न दिखानें वालों के विरोध में हर किसी के त्रिपाठी बननें की जरेरत है।

 

मिशन खुला खेल फरूखाबादी के कारण सुनील त्रिपाठी नें पुनः 13 मार्च को अगले चुनाव की रिजनैतिक ताल को ठोंका।

 

 

 

 

भाजपाई वोट व चंदे की गढ़ वाले मोहल्ले में सीवेज के निकास की समुचित व्यवस्था न होनें के कारण जबर्दस्त व्यंग कसा जो आप उपरोक्त स्क्रीनशाट को देखकर व पढ़कर समझा जा सकता है कि कैसे तंत्रलोक लोकतंत्र का गला घोंट रहा है।

एक भाजपाई एजेंट आदर्श तथाकथित स्वघोषित तिवारी, जो कि शायद तिवारी य ब्राह्मण के नाम पर खुद बदनुमा धब्बा है व उन द्वारा पोस्ट में आईपीएस संतोष मिश्रा को मेंशन किया गया है, जिसनें अपनें विवेक का सौदा कर लिया हो, वह क्या न्याय बतलायेगा।

 

 

Share

One thought on “सुनील त्रिपाठी उत्पीड़न पर यह रिपोर्ट, सम्मानित जनता यदि गोण्डा की तंत्रलोकी व्यवस्था को बदलना चाहती है, तो पोल में हिस्सा जरूर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!