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जेल से लौटकर उतर गया गुरूविंदर सिंह की आशिकी का गुरुर, अब प्रेमिका के खिलाफ पैसे वापसी का दायर किया वाद।

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शाहजहांपुर के रहने वाले गुरुविंदर सिंह की कहानी है। गुरुविंदर सिंह को आईएएस बनने का ख्वाब था। पिता ने उन्हें दिल्ली कोचिंग करने के लिए भेजा। वहां उन्हें आशिकी का भूत सवार हो गया। जब उनकी प्रेमिका यूपीएससी का एक्जाम क्वालिफाई कर तहसीलदार बन गई तो गुरुविंदर सिंह ने उससे शादी रचाने का प्रस्ताव रख दिया।

तहसीलदार बनी प्रेमिका ने गुरुविंदर सिंह के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उस समय तहसीलदार बनी प्रेमिका की पोस्टिंग प्रतापगढ़ जिले के लालगंज तहसील में थी। प्रेमिका ने गुरुविंदर सिंह  के खिलाफ FIR दर्ज करा दी और वह जेल भेज दिए गए। जेल से अब जमानत पर छूटकर गुरुविंदर सिंह बाहर आये तो आशिकी का भूत उतर गया। अब वह प्रेमिका से उसके लिए खर्च किए अपने 21 लाख रुपये मांग रहे हैं। वर्तमान में तहसीलदार मैडम प्रयागराज में पोस्टेड हैं। गुरुविंदर सिंह का हाल हो गया है कि–

रहे दिल में हमारे ये रंज-ओ-अलम 

न ख़ुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम।

आइए जानते हैं पूरा घटनाक्रम



शाहजहांपुर के गुरुविंदर सिंह  ने प्रेमिका से 21 लाख रुपये मांगे हैं। गुरुविंदर सिंह  का कहना है कि वह पांच साल से अपनी प्रेमिका के साथ लिव- इन में रह रहा था। इस दौरान उन्होंने 21 लाख रुपये खर्च किए। प्रेमिका जब तहसीलदार बनी तो उसने शादी से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं प्रेमिका ने रेप और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए उसे जेल भेज दिया।

गुरुविंदर सिंह ने प्रेमिका के खिलाफ कोर्ट में न्याय और रुपए लौटाने की याचिका दायर की है। कोर्ट ने महिला तहसीलदार के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। शाहजहांपुर के बांदा थाना क्षेत्र के रहने वाले गुरविंदर सिंह ने बताया कि वह 2012 में आईएएस की तैयारी की कोचिंग के लिए दिल्ली गया था। कोचिंग में उसकी फतेहपुर की एक लड़की से दोस्ती हो गई। दोनों पांच साल से लिव- इन में थे। इस दौरान वह तहसीलदार बनीं। शादी के लिए कहा तो उसने मना कर दिया।

लिव- इन में रहने के दौरान 21 लाख रुपये खर्च किए

गुरविंदर सिंह ने बताया कि उनके लिव-इन में रहने के दौरान 21 लाख रुपये खर्च किए गए। रुपये वापस मांगे जाने पर प्रेमिका ने 16 जनवरी 2021 को दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज कराकर जेल भेज दिया। गुरविंदर सिंह ने बताया कि प्रेमिका ने 2 जनवरी 2021 को प्रतापगढ़ में केस दर्ज कराया था।

सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

15 महीने बाद 30 अप्रैल 2022 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया। दुबई में उनकी बिल्डिंग मेंटेनेंस कंपनी थी। जेल जाने के बाद वह भी रुक गई। गुरविंदर सिंह ने बताया कि लिव- इन में रहने के दौरान वह खाते में पैसे ट्रांसफर करवाती रहती थी।

जहां भी परीक्षा होती थी, वह उनके साथ जाता था और पूरा खर्च वहन करता था। महिला प्रतापगढ़ में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात थी तो उसके बाद भी महिला को दो एसी, एक कार और जरूरत की हर चीज दी गई। गुरविंदर ने बताया कि महिला अधिकारी इस समय प्रयागराज में पदस्थापित हैं। उसके खिलाफ थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक कार्रवाई के लिए प्रार्थना की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। फिर कोर्ट का सहारा लिया। 14 जून 2022 को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने शाहजहांपुर के बांदा थाने को मामला दर्ज कर मामले में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। हलांकि आदेश के बाद भी पुलिस ने 22 जून 2022 तक मामला दर्ज नहीं किया है।

इश्कबाजी जो करे वह जान की बाजी करे,

आप तो भूखों मरें मासूका को राजी करे।


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