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ग्राम पंचायत कोलई गरीब की मजिस्ट्रेटी आदेश पर प्रधान पद की पुनः मतगणना आयोजित, मतगणना के बाद वर्तमान प्रधान 3 मतों से विजई घोषित।

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बभनजोत गोण्डा : बुधवार को तहसील सभागार में ग्राम पंचायत कोलई गरीब की मजिस्ट्रेट के आदेश पर प्रधान पद की पुनः मतगणना आयोजित की गई मतगणना के बाद वर्तमान प्रधान को ही 3 मतों से विजई घोषित किया गया। पुनरमतगणना के दौरान नवागत उपजिलाधिकारी आकाश सिंह, तहसीलदार पैगाम हैदर पर्वेक्षक नायब तहसीलदार अमित कुमार यादव व खंड विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह की देख रेख व भारी पुलिस बल की सुरक्षा में ब्लाक बभनजोत के कोल्हई गरीब ग्राम सभा की पुनर्मतगणना की गई।

अब्दुल कादिर के याचिका कर्ता अधिवक्ता जय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि पुनर्मतगणना में वर्तमान प्रधान रिजवान अली को 974 मत मिले वहीं विपक्षी अब्दुल कादिर को 971 मत प्राप्त हुए। 212 वोट अवैध रहा है। जिसमे मौजूदा प्रधान ही 3 मत से पुनः विजयी हुए हैं। तहसील क्षेत्र के बभनजोत ब्लाक के कोलई गरीब गाँव की प्रधानी के चुनाव में मतपत्रों की हेराफेरी के मामले में तत्कालीन एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती ने पुनर्मतगणना का आदेश जारी किया था।

जिसमे बभनजोत ब्लाक की ग्राम पंचायत कोल्हई गरीब में उपयोग में लायी गयी मतपेटिका व चुनाव से सम्बन्धित सभी प्रपत्र, मतपत्र की पुर्न मतगणना सुनिश्चित किया गया था। इसके लिए 23 मई 2022 की तिथि भी निश्चत कर दी गयी थी। बभनजोत ब्लाक में स्थित ग्राम पंचायत कोल्हई गरीब के निर्वाचित ग्राम प्रधान रिजवान अली पुत्र मंसूल अली जो कि प्रत्याशी थे जिनका चुनाव निशान अनाज ओसाता किसान था वही विपक्षी अब्दुल कादिर को ईमली चुनाव निशान मिला था।

अब्दुल कादिर ने आरोप लगाया कि मतदान के दिन पीठासीन अधिकारी व मतदान कर्मियों को प्रलोभन देकर रिजवान अली व मोहम्मद वसीम ने मतदान में गड़बड़ी करवाई। जिसमें पांच बूथों पर हुए मतदान में सभी बूथों पर अनाज ओसाता किसान का मतपत्र मिल रहा था लेकिन मतदान व मतगणना में हेराफेरी की गयी। मतदान के दिन मतपत्रों की संख्या – 2186 थी। जिसे पीठासीन ने अंत में जोड़कर लिखकर बताया था। इसके बाद मतगणना के दिन मतपेटिका में 2198 मतपत्रों की गिनती करके साजिश व हेराफेरी की गयी थी।



तमाम मतपत्र फर्जी पाये गये। पड़े मत व गिनती में 12 मतों का अंतर पाया गया। इसके वावजूद भी रिजवान अली 6 मत से जीत गए थे। जिसके लिए अधिवक्ता जेपी मिश्रा ने याची अब्दुल कादिर की तरफ से न्यायालय उपजिलाधिकारी की अदालत पर चुनाव याचिका अन्तर्गत उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम विषयक कराये जाने पुर्न मतगणना बावत ग्राम पंचायत कोल्हई गरीब विकास खंड बभनजोत, तहसील- मनकापुर के प्रधानी पद चुनाव में उपयोग किये गये मतपत्रों के संगणना के लिए वाद दायर किया था। जिसमें दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद तत्कालीन एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती ने पुन र्मतगणना कराये जाने का आदेश पारित किया था।

जिसमें पांच बूथों पर हुए मतदान में सभी बूथों पर अनाज ओसाता किसान का मतपत्र मिल रहा था लेकिन मतदान व मतगणना में हेराफेरी की गयी। अब्दुल कादिर ने आरोप लगाया कि मतदान के दिन पीठासीन अधिकारी व मतदान कर्मियों को प्रलोभन देकर रिजवान अली व मोहम्मद वसीम ने मतदान में गड़बड़ी करवाई। जिसमें पांच बूथों पर हुए मतदान में सभी बूथों पर अनाज ओसाता किसान का मतपत्र मिल रहा था लेकिन मतदान व मतगणना में हेराफेरी की गयी। मतदान के दिन मतपत्रों की संख्या – 2186 थी। जिसे पीठासीन ने अंत में जोड़कर लिखकर बताया था। इसके बाद मतगणना के दिन मतपेटिका में 2198 मतपत्रों की गिनती करके, साजिश व हेराफेरी की गयी थी।

याची अब्दुल कादिर द्वारा प्रस्तुत चुनाव याचिका के निर्णय के तहत 23 मई 2022 की तिथि भी नियत कर दी गयी थी। लेकिन इसकी भनक विपक्षी को लगते ही तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता सीके पाठक ने तर्क दिया कि 4 मई को किया गया पुन मतगणना का आदेश उच्च नयायालय व उच्चतम न्यायालय के प्राकृतिक न्याय सिद्धांत व विधि एवं नियमों के विरुद्ध है। जिस पर उप जिला मजिस्ट्रेट ने अधिवक्ता सीके पाठक के तर्क को सुनने के बाद पुनर्मतगणना आदेश को स्थगित कर दिया था।


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