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भदरी नरेश उदय प्रताप सिंह व समर्थक घरों में नजरबंद, नौ वर्षों से चल रहा यह नजबंदी का ड्रामा, विधायक पुत्र कभी भी नही आये समर्थन में।

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प्रतापगढ़।  विधानसभा क्षेत्र कुंडा के विधायक कुं रघुराज प्रताप सिंह राजा भइया के पिता भदरी नरेश उदय प्रताप सिंह हाउस अरेस्ट। कर लिया गया, यह वाकया तब हुआ जबकि श्री सिंह नित्यक्रिया से निवृत्त होनें के लिये। धरनास्थल से  भदरी कोठी पहुंचे थे राजा उदय प्रताप सिंह।

आज प्रातः में 6 बजे भदरी कोठी के सामने पहुंची भारी भरकम फोर्स

कुंडा के शेखपुर आशिक गांव में मस्जिदनुमा गेट हटावाने के लिए धरने पर बैठे थे राजा भइया के पिता भदरी नरेश उदय प्रताप सिंह, डीएम और एसपी के मान मनौव्वल के बाद भी नहीं माने थे राजा उदय प्रताप सिंह। एसडीएम कुंडा के आदेश पर आज तीसरे दिन उन्हें किया गया हाउस अरेस्ट।

भदरी नरेश के समर्थन में कुंडा समेत आसपास की बाजारे बंद

वहीं आपको हम बताते चलें कि भदरी नरेश उदय प्रताप सिंह की मांगों के समर्थन में कुण्डा क्षेत्र की दुकानें बंद हैं। राहगीरों को व जरूरत मंदों को काफी जद्दोजेहद का सामना करना पड़ रहा है।

उनके सहयोगी भी किये गये अपनें घरों में नजरबंद

आपको बता दें कि भदरी नरेश उदय प्रताप सिंह को ही नही बल्कि उनके सहयोगियों को भी पुलिस नें उनके ही अपनें घरों में नजरबंद कर दिया है। जिसमें जुगनू पिता स्वर्गीय ननकू गोपालगंज शाहपुर थाना हँथगवाँ, मोहनलाल जी पूर्णकालिक विभाग संगठन मंत्री विहिप यह दोनो विहिप के सदस्य हैं। जो कि महराज जी के साथ धरना का साथ दे रहें थे। जबकि लालगंज कोतवाली में बैठा लिया गया है।


आखिरी सच की कल की खबर


आईये बताते हैं क्या है पूरा मामला?

गांव शेषपुर आशिक मुख्य मार्ग पर एक मुख्यमार्ग से गाँव जानें के लिये रास्ते पर एक गेट बना है जिसके ऊपर एक गुम्बदनुमा आकृति बनाई गयी है, जिसके आगे गांव के पहले ही एक हनुमान मंदिर है, जिसपर मोहरर्म के दिन ही भदरी नरेश उदय प्रताप सिंह भण्डारे का आयोजन करते हैं, जबकि उसी रास्ते से होकर ताजिया जाता है। जबकि उक्त गेट पर उर्दू शब्दों में कुछ अंकित है, जिसे मुस्लिम वर्ग यह बताता है कि वह शब्द सबकी सलामती चाहना ऐसा लिखा है।

पहली बार 2013 में किये गये थे नजरबंद

वहीं आखिरी सच को अपनी पड़ताल में यह भी पता चला कि अखिलेश यादव सरकार में पहली बार सन् 2013 में उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया था, जबकि भदरी नरेश नें 2011 व 2012 में उक्त मंदिर पर भण्डारे किये थे, तब सामंजस्य था लेकिन 2013 के बाद से आज तक फिर वह भण्डारा नही हुआ है, जिसके कारण शायद कहीं न कहीं क्षेत्रीय विधायक व खुद भदरी नरेश उदय प्रताप सिंह के पुत्र कुँवर रघुराज प्रताप के साथ ही साथ योगी आदित्यनाथ तथाकथित हिंदुत्व रक्षक भी हैं। यह बात आखिरी सच नही बल्कि क्षेत्रीय जनता दबी जुबान कहती है।

रघुराज प्रताप सिंह नें कभी भी नही किया पिता का मुद्दे पर समर्थन

वहीं सथानीय लोगों के अनुसार यह नजरबंद करनें का ड्रामा पिछले नौ सालों से चला आ रहा है, लेकिन स्थानीय विधायक, भदरी नरेश उदय प्रताप सिंह के पुत्र क्षेत्रीय कुँवर रघुराज प्रताप सिंह नें कभी भी न ही साथ आये न ही कभी कोई बयान उक्त मुद्दे पर दिया। जबकि इस बार बाबा के साथ उनके दो नाती जरुर आये व धरना स्थल पर आनें के बाद से लगातार बनें रहे।


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