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रायबरेली पुलिस पकड़े चार बदमाश, चारो बावरिया गैंग के।

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रायबरेली। दिल्ली के साथ ही प्रदेश के कई जिलों में लूट, छिनैती व चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले बावरिया गैंग के चार बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। एसओजी और बछरावां पुलिस ने लुटेरों को रायबरेली के बछरावां क्षेत्र में लूूट की घटना को अंजाम देने की साजिश रचते समय दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशाें की निशानदेही पर पुलिस ने लूूट का सामान बरामद किया है।

पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि एसओजी प्रभारी प्रवीर गौतम, बछरावां कोतवाल जगदीश यादव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मंगलवार भोर करीब पांच बजे बछरावां क्षेत्र के उदरहरा मोड़ के पास से कुछ बदमाश मौजूद हैं और किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं।

इस सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों बदमाशों को दबोच लिया। इनकी पहचान शामली जिले के झिनझाना थाना क्षेत्र के खानपुर कला निवासी अशोक, धर्मेंद्र, उत्तराखंड प्रांत के किच्छा थाना क्षेत्र के खुरपिया गेट निवासी बहादुर व हिमाचल के रूप में हुई है।

पकड़े गए ये सभी बदमाश बावरिया गैंग के हैं। बदमाश बदायूं, उन्नाव, कानपुर, शामली, दिल्ली में भी लूूट, छिनैती, चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इन चारों के पास से घटना में इस्तेमाल की जाने वाली दो बाइकों के अलावा एक सोने की चेन, चार हजार रुपये व अन्य सामान मिला है।

शामली में आपस में बांटते थे लूूट का सामान व पैसे

पुलिस के मुताबिक पूूछताछ में आरोपी अशोक ने बताया गया कि उसकी ससुराल उत्तराखंड में है। धर्मेंद्र उसके गांव का ही रहने वाला है। बहादुर व हिमाचल भी उसके ससुराल के रहने वाले हैं, जो लूट, चोरी, छिनैती करने में मदद करते हैं। उसनें कुबूला है कि बछरावां, रायबरेली शहर के साथ ही बदायूं, उन्नाव, कानपुर, शामली, दिल्ली में भी घटनाओं को अंजाम दिया है। लूट से मिले पैसे व आभूषण हम लोग शामली में ले जाकर आपस में बांटते थे। घटना को अंजाम देने के लिए हम लोग हर बार एक- दो नए लड़कों का सहयोग लेते थे।

सुबह व शाम को टहलने वाली महिलाओं को बनाते थे निशाना

एसपी के मुताबिक इन सभी का एक संगठित गिरोह है। इसमें से दो बदमाश मोटरसाइकिल से होते हैं, जो शामली से चलकर कई किमी. दूर स्थान पर जाकर रास्ते में ढाबे पर रुकते हैं। सुबह और शाम को टहलने निकलने वाली महिलाओं व लड़कियों को निशाना बनाकर लूट, छिनैती जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। इसके बाद लूट, छिनैती करने के बाद अपने दो सहयोगियों को लूटा हुआ सामान देकर बस से भगा देते थे। घटना को अंजाम देने के लिए हमेशा चोरी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते थे। बचने के लिए हथियार भी साथ रखते थे। लूट के दौरान विरोध होने पर फायरिंग करके मौके से भाग जाते हैं।


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