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पीएफाई पर गृह मंत्रालय नें लगाया पांच साल का बैन।

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पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर गृह मंत्रालय ने कड़ी कार्रवाई की है। एजेंसियों के इनपुट के बाद पीएफाई पर पांच साल का बैन लगा दिया है। इसके अलावा पीएफआई के सहयोगी संगठनों पर भी बैन लगाया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी लेटर में साफ लिखा है कि ये संगठन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर पीएफआई की मदद करते थे। इसमें से कई संगठन ऐसे हैं जोकि फंडिंग किया करते हैं। पीएफआई के सहयोगी संगठन जैसे रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (एआईआईसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (एनसीएचआरओ), नेशनल विमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट को भी बैन करने का बड़ा फैसला लिया गया है।

पीएफआई को लेकर काफी दिनों से पूरे देश में छापेमारी चल रही थी। छापेमारी के दौरान कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। अब गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए इसे पांच साल तक के लिए बैन कर दिया है। एक दिन पहले पीएफआई पर बड़ी कार्रवाई हुई थी। एजेंसी की 9 राज्यों में हुई कार्रवाई में कम से कम 247 लोग गिरफ्तार हुए हैं। अकेले उत्तर प्रदेश से 44 गिरफ्तारियां हुई हैं। कर्नाटक से 72, असम में 20, दिल्ली में 32, महाराष्ट्र में 43, गुजरात में 15, मध्य प्रदेश में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसियों को मिले सबूतों के आधार पर ये कार्रवाई की गई।



मंगलवार को फिर हुई छापेमारी

छापेमारी की कार्रवाई, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, असम और मध्य प्रदेश की पुलिस ने की। गौरतलब है कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के नेतृत्व में विभिन्न एजेंसी की टीम ने देश में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने के आरोप में 22 सितंबर को पीएफआई के खिलाफ 15 राज्यों में छापेमारी की थी। उसके 106 नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। एनआईए, पीएफआई की संलिप्तता वाले 19 मामलों की जांच कर रही है। संबंधित राज्यों की पुलिस ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में मंगलवार को छापेमारी की कार्रवाई की, जो समन्वित कार्रवाई प्रतीत होती है। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने असम और महाराष्ट्र, प्रत्येक राज्य में 25 लोगों को गिरफ्तार किया। उत्तर प्रदेश में 57 और दिल्ली में 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

हिरासत में लिए गए PFI से जुड़े लोग

मध्य प्रदेश में 21, गुजरात में 10 और पुणे(महाराष्ट्र) में छह लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा, कर्नाटक में भी कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने पत्रकारों को बताया कि पीएफआई एवं उसके अनुषांगिक संगठनों द्वारा देश के विभिन्न स्थानों पर की गयी हिंसा एवं उक्त संगठन के सदस्यों की बढ़ती हुई राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के मद्देनजर जनपदीय पुलिस, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के संयुक्त दलों ने छापेमारी की।

यूपी में हुई कार्रवाई

प्रशांत कुमार ने बताया कि दलों ने 26 जिलों में एक साथ पीएफआई के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कुल 57 लोग हिरासत में लिये गये। कुमार ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद मौके से बरामद विभिन्न प्रकार के अभिलेखों एवं साक्ष्यों का संयुक्त रूप से विश्लेषण किया जा रहा है। कुमार ने बताया कि उपलब्ध अभिलेखों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



2006 में हुआ था पीएफआई का गठन

पीएफआई का गठन 2006 में किया गया था और वह भारत में हाशिये पर मौजूद वर्गों के सशक्तिकरण के लिए नव सामाजिक आंदोलन चलाने का दावा करता है। हालांकि, कानून प्रवर्तन एजेंसी का दावा है कि पीएफआई कट्टर इस्लाम का प्रसार कर रहा है। इस संगठन का गठन केरल में किया गया था और इसका मुख्यालय दिल्ली में है।

पहले से ही थी बैन की संभावना

पीएफआई के खिलाफ राष्ट्रव्यापी कार्रवाई के बाद उस पर देशभर में प्रतिबंध लगने की संभावना पहले से ही थी। असम के अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न जिलों से पीएफआई के 25 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा 10 पीएफआई कार्यकर्ताओं को गोलपाड़ा से गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद पांच को कामरूप (ग्रामीण) में और तीन को धुबरी में गिरफ्तार किया गया। वहीं, बारपेटा, बक्सा, दरांग, उदलगुरी और करीमगंज में भी गिरफ्तारियां की गईं।

राजधानी दिल्ली में कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने राष्ट्रीय राजधानी में निजामुद्दीन और शाहीन बाग सहित कई स्थानों पर पीएफआई से संबद्ध ठिकानों पर छापेमारी के बाद मंगलवार को 30 लोगों को हिरासत में लिया। उन्होंने बताया कि जिन इलाकों में छापेमारी की जा रही है, वहां पर एहतियातन अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमने कानून व्यवस्था और सौहार्द्र कायम रखने के लिए संबधित इलाकों में एहतियाती कदम के तहत अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की है। यह एहतियातन उठाया गया कदम है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस ने बताया कि अब तक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है क्योंकि जांच जारी है। उन्होंने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई सोमवार- मंगलवार की दरमियानी रात करीब साढ़े 12 बजे के बाद शुरू हुई और तड़के सुबह तक जारी रही।


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