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वनंतरा रिसॉर्ट के अवैध कारोबारों, पर स्थानीय प्रशासनिक जिम्मेदारों के साथ ही भाजपा पार्टी के नियोजित ड्रामें पर सामाजिक यक्ष प्रश्न व इस घटना के पहले घटी घटनाओं के अकाट्य तथ्य।

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उत्तराखंड के ऋषिकेष के रिसॉर्ट में काम करने वाली अंकिता भंडारी के मर्डर केस में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अंकिता जिस पुलकित आर्य के रिसॉर्ट में काम करती थी उसमें मेरठ का एक कपल भी काम कर चुका है। दोनों पति-पत्नी ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वो रिसॉर्ट इतना असुरक्षित था कि वे नौकरी और सैलरी सब छोड़कर आ गए। उन्हें रिसॉर्ट में बंधक बना लिया गया था।

गौरतलब है कि 18 सितंबर को वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करने वाली पौड़ी गढ़वाल की अंकिता भंडारी (19) संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी। शनिवार की सुबह अंकिता भंडारी का शव ऋषिकेश की चीला नहर से बरामद कर लिया है। मामले की जांच अब एसआईटी करेगी। पुलिस के मुताबिक रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर अंकित गुप्ता और दूसरे मैनेजर सौरभ भास्कर ने स्वीकार किया कि तीनों ने अंकिता को नहर में धक्का दे दिया था।

मेरठ के साकेत निवासी पति-पत्नी ने दो महीने पहले ही इस रिसॉर्ट को छोड़कर भाग गए थे। दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पूर्व कर्मचारी रोहन (बदला हुआ नाम) ने बताया कि दोनों जब वहां नौकरी के करने गए तो वहां का माहौल ठीक नहीं लगा। वहां सारे गलत काम होते थे।


जंगल में भाजपा नेता का अमंगल केंद्र


“रिसॉर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी ने बताया कि रिसॉर्ट अय्याशी का अड्डा बना हुआ था। उसमें लड़कियां आती थीं। उनका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था। रसूखदार पुलकित ग्राहकों की शराब तक चोरी करता था। पुलकित रिसॉर्ट की महिला कर्मचारियों पर गलत नीयत रखता था। वो शराब पीकर गाली- गलौज करता था। पूर्व कर्मचारी पति- पत्नी ने वहां से भागकर किसी तरह अपनी जान और इज्जत बचाई थी।

पूर्व महिला कर्मचारी ने बताया कि बीजेपी नेता का बेटा पुलकित आर्य और उसका मैनेजर अंकित गुप्ता वहां के कर्मचारियों से बदतमीजी करता था। महिला कर्मचारियों के लिए अश्लील और गंदे शब्दों का इस्तेमाल करते थे।

एक महीने के बाद नौकरी छोड़ी तो फोनकर दोबारा बुलाया

पूर्व कर्मचारी रोहन ने बताया कि वहां गांजा, चरस और शराब की सप्लाई होती थी। लड़कियां लाई जाती थी। पुलकित, अंकित और सौरभ गलत काम करते थे उनके साथ। रोहन की पत्नी ने बताया कि महिला कर्मचारियों खासकर मेरी पत्नी पर बुरी नजर थी पुलकित और अंकित गुप्ता की। ये सब देखकर हमनें वहां से नौकरी छोड़ दी। घर आने के बाद पुलकित और अंकित के कॉल आने लगे। उन्होंने रिसॉर्ट में गलत काम न होने का वादा किया और साथ ही सैलरी बढ़ाने की बात कही। ऐसे में हम फिर चले गए। कुछ दिनों तक तो ठीक रहा पर वापस वही सब होने लगा।


रिजार्ट मालिक पुलकित आर्य महिलाओं की धुलाई के बाद।


रोहन की पत्नी ने बताया

जब मैं वहां गई तब पुलकित की पत्नी स्वाति ने मुझसे कहा था कि ये जगह महिलाओं के लिए ठीक नहीं है। कब तक तुम्हारे पति तुम्हे देखेंगे। वे अपना काम करेंगे। विवेक की पत्नी वहां रिशेप्शन पर थी। उसने बताया कि रिसॉर्ट में आने वाली लड़कियों की एंट्री करने से रोकते थे।

पुलकित आर्य ने मुझे पति से अलग करने को कहा

रोहन की पत्नी ने बताया कि पुलकित आर्य ने एक रात शराब पी और एक कर्मचारी से मुझे पति से अलग करने और उसके कमरे में भेजने के लिए बोला था, पर उस कर्मचारी ने ये कहकर मना कर दिया कि उसकी ड्यूटी खत्म हो गई है।

जब नौकरी छोड़ने के लिए बोले तो लगा दिया चोरी का इल्जाम

रोहन ने बताया कि जब उसने और उसकी पत्नी ने दोबारा जॉब छोड़ने की बात कही और अपनी सैलरी मांगी तो उन लोगों ने सैलरी नहीं दी। उल्टा स्पीकर चोरी करने का आरोप लगा दिया। वहां मारपीट भी की गई। रोहन ने जब इसकी शिकायत पुलिस से की तो उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र पटवारी के अंडर में आता है।


अंकिता की माँ


पटवारी ने भी रिजॉर्ट्स में आकर हम पति-पत्नी को ही गालियां दी। विवेक का कहना है कि 25 हजार की सैलरी थी और 1500 के स्पीकर चोरी का आरोप लगाया गया था, फिर धमकाया गया। बाद में इन्हीं लोगों से माफीनामा लिखवाया गया। मारपीट के साथ टॉर्चर भी किया गया। दोनों कपल ने बताया कि जब इन्होंने जॉब छोड़ी तब अंकिता वहां काम नहीं कर रही थी।

अंकिता के परिजनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को संबोधित कर अपनी मांगें रखीं हैं।

जानिए क्या चाहता है अंकिता का परिवार… 

परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए।

अंकिता के नाम पर गांव मल्ली से बरमुंडी की सड़क का नामकरण किया जाए।

अंकिता के नाम पर सार्वजनिक जगह पर एक स्मारक बनवाया जाए।

परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए।

अंकिता जिस रिजॉर्ट में काम करती थी, वहां उसके नाम पर आदर्श विद्यालय खोला जाए।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान में अंकिता के नाम पर पुरस्कार हो।

पुलकित आर्य के भाई और पिता को जांच पूरी होने तक कस्टडी में रखा जाए।

पुलकित के भाई और पिता जांच को प्रभावित कर सकते हैं।

बेटी के गुनाहगारों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।

अंकिता के पिता बोले- आरोपियों के पक्ष में केस न लड़ें

अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा, “मैं सभी वकीलों से अनुरोध करना चाहता हूं, कि आरोपियों के पक्ष में केस न लड़ें।”  बता दें कि उत्तराखंड के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करने वाली अंकिता की हत्या 18 सितंबर को कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक और भाजपा नेता के बेटे पुलकित आर्य व उनके दो सहयोगियों का नाम सामने आया था।



आज हुआ एक और सनसनीखेज खुलासा

सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि रिसॉर्ट में हिरण और अन्य जंगली जानवरों के मांस भी मेहमानों को परोसे जाते थे। रिसॉर्ट में एक पिंजड़ा मिलने की बात सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि इसमें जंगल के जानवरों को रखा जाता था। मामला सामने आने के बाद वन विभाग भी जांच में जुट गया है।

रिसॉर्ट की जांच में पुलिस को अंदर एक पिंजड़ा मिला है। कहा जा रहा है कि इस पिंजड़े का इस्तेमाल जंगली जानवरों को कैद रखने के लिए किया जाता था। रिसॉर्ट में आने वाले मेहमानों को हिरण और अन्य जानवरों का मांस परोसा जाता था। इसके अलावा जानवरों की सींग से भस्म बनाया जाता था। इसे लेकर उत्तराखंड पुलिस प्रशासन के अलावा वन विभाग भी अलर्ट हो गया है।

पुलिस की जांच व कार्यवाही भी संदेहास्पद

लगातार हो रहे खुलासों के बीच पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं। 18 सितंबर को अंकिता लापता हुई। 21 को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 24 सितंबर को उसका शव मिला। अंकिता का शव मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात कही। उन्होंने ये भी कहा था कि आरोपी पुलकित का रिजॉर्ट सरकारी वन भूमि पर है, उस पर बुलडोजर चलाया जाएगा।


इस नहर में मिली थी अंकिता भण्डारी की लाश


बुलडोजर वाली यह कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है। खुद परिवार ने आरोप लगाया है कि अंकिता के जिस कमरे में कई सुबूत थे उसे ही ढहा दिया गया। पुलिस अब तक इस सवाल का जवाब नहीं दे पाई है कि अंकिता का कमरा ही क्यों तुड़वाया गया? आइये जानते हैं अंकिता हत्याकांड से जुड़े ऐसे ही सवालों को जिनके जवाब नहीं मिले हैं..

बुलडोजर किसने चलवाया ये अब तक साफ नहीं हुआ?

खुद मुख्यमंत्री जिस बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र अपने बयान में करते हैं वो किसके आदेश पर हुई इस पर पर्दा पड़ा हुआ है। कार्रवाई के वक्त जो विधायक और सरकार इसका श्रेय ले रहे थे, सवाल खड़े होने पर सब ने इससे पल्ला झाड़ लिया। अब पौड़ी के जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे कह रहे हैं कि इसका पता लगाया जा रहा है कि किसके आदेश पर रिजॉर्ट ढहाया गया। बड़ा सवाल ये भी है कि क्राइम सीन को ढहाने का आदेश कैसे दिया जा सकता है?

कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि रिसार्ट पर बुलडोजर चलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। कांग्रेस अंकिता की रिजॉर्ट में हत्या का अंदेशा जता रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी आरोप लगाया कि अंकिता का शव खोजने में देरी की गई। जिस रिजॉर्ट से कई सबूत जुटाए जा सकते थे वहां बुलडोजर तुरंत चलवा दिया गया।


मृतिका अंकिता भण्डारी


आधी रात को बुलडोजर, अंकिता का ही कमरा निशाना क्यों?

आरोपी पुलकित के रिजॉर्ट पर आधी रात को बुलडोजर चला। कार्रवाई के दौरान स्थानीय विधायक भी मौजूद रहे। सवाल उठा कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि आधी रात को ये कार्रवाई की गई। यह आरोपितों के खिलाफ गुस्सा था या फिर कुछ और…?

बुलडोजर कार्यवाही पर परिवार नें उठाये सवाल

इन सब के बीच इस बुलडोजर कार्रवाई पर अंकिता के परिवार ने ही सवाल खड़े कर दिए। परिवार का कहना है कि रिजॉर्ट में बुलडोजर से तोड़फोड़ और आगजनी सिर्फ अंकिता के कमरे मे ही की गई। यहां तक की कमरे के पर्दे तक आग के हवाले कर दिए गए। कमरे में रखे सामान तक तोड़ दिए गए। सीसीटीवी कैमरे के तार काट दिए गए। जिस कमरे से पुलिस को कई अहम सबूत मिल सकते थे उसे ही क्यों ध्वस्त कर दिया गया इस सवाल का जवाब अब तक नहीं मिला है।

पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर क्यों नहीं लिया?

पुलिस ने इस मामले में पूर्व राज्यमंत्री के बेटे और मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए मजिस्ट्रेट से रिमांड की मांग तक नहीं की। मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद तीनों आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पौड़ी जेल भेज दिए गए। कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भी पुलिस के इस रुख पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, अब कहा जा रहा है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों की पुलिस हिरासत के लिए अर्जी लगा सकती है।


वनंतरा रिजार्ट जंगल में अमंगल के साथ ही भाजपाई फंड का सशक्त माध्यम।


पुलकित और अंकिता का फोन कहां हैं?

मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और अंकिता का फोन अब तक पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। आरोपी पुलकित का कहना है कि उसने हत्या की रात अंकिता का मोबाइल चीला नहर में फेंक दिया था। दूसरी ओर कई टीवी चैनल अंकिता के दोस्त बताए जा रहे एक शख्स और पुलकित के बीच हुई बातचीत का ऑडियो चला रहे हैं। ये ऑडियो अंकिता के गुम होने के अगले दिन का बताया जा रहा है। अंकिता का शव तो मिल गया, मगर उसके मोबाइल को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई है।

पटवारी ने घटना क्यों छुपाई?

अंकिता के पिता का कह चुके हैं कि अगर राजस्व पुलिस उनकी शिकायत को गंभीरता से लेती तो शायद उनकी बेटी जिंदा होती। अंकिता के परिवार ने 19 सितंबर को ही पटवारी वैभव प्रताप सिंह को इसकी सूचना दी थी। उसने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। वैभव ने उसी दिन दूसरे पटवारी विवेक कुमार को चार्ज दिया और खुद तीन दिन की छुट्टी पर चला गया। इसके साथ ही उसने अपना फोन भी बंद कर लिया। इससे सवाल खड़ा हो रहा है कि यह केवल संयोग था या किसी साजिश का हिस्सा। इस पूरे घटनाक्रम को पटवारी वैभव और पुलकित के बीच गहरी दोस्ती से जोड़कर देखा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक पटवारी वैभव और पुलकित की दोस्ती इतनी गहरी थी कि वह रिजॉर्ट से आने वाली हर शिकायत को पचा जाता था। रिजॉर्ट की पूर्व कर्मचारी दंपती ने भी पटवारी वैभव से रिजॉर्ट में होने वाले कामों और मारपीट की शिकायत की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।


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