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षड्यन्त्र को समझिए और गौमाता के लिए अपने जीवन में स्थान बनाए रखिए, उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती महाराज।

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एक खत देश की आवाम के नाम मूल संदेश यहां पढ़ें

षड्यन्त्र को समझिए और गौमाता के लिए अपने जीवन में स्थान बनाए रखिए, उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती महाराज।

संवत् 2079 विक्रमी आश्विन शुक्ल षष्ठी तदनुसार दिनांक 1 अक्टूबर 2022
सफदरजंग, दिल्ली।

आज देश में गौमाता के विरुद्ध एक बडा षड्यन्त्र चल रहा है। गाय से सीधे दूध न लेकर प्रयोगशाला वाला दूध लोग पीना शुरू कर दें ऐसी मानसिकता बनाई जा रही है। छः सात सौ करोड़ लोगों से इनका बहुत बड़ा दूध का मार्केट बन जाएगा। इसका लाभ उनको होगा जिन लोगों ने यह लैबोरेट्री शुरू की है।



उक्त बातें आज दिल्ली के सफदरजंग में नवरात्र अनुष्ठान कर रहे उत्तराम्नाय ज्योतिर्मठ के नये जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती महाराज ने व्यक्त की।

उन्होने कहा कि शोधकर्ता डॉ तरुण कोठारी जी ने गौ दुग्ध के बारे में फैलाए जा रहे षड्यन्त्र को शोध-पत्रों के माध्यम से तथ्यात्मक विश्लेषण सहित प्रस्तुत किया है। कोठारी जी बहुत ही गहरा अध्ययन किसी विषय पर करते हैं तभी कोई बात कहते हैं। इन्होंने हमको गौमाता पर हो रहे षड्यन्त्र से सम्बन्धित कागजात दिखाए और जिसका सार संक्षेप में पढ़कर अभी सुनाया गया वह सभी कागज हमारे पास इन्होंने परमहंसी गंगा आश्रम भेजे थे। हमने इन सबका अध्ययन भी किया और हम इनसे भी सहमत हैं। जो शोध के निष्कर्ष इनके हाथ में हैं उनसे भी हम सहमत हैं।

उन्होने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमारा देश की जनता से यही कहना है कि इन सब षड्यन्त्रों को समझिए और गौमाता के लिए जीवन में कुछ स्थान बनाए रखिए। ऐसा न हो कि जैसे गोमाता के लिए अब आपके शहर के घरों में एक कमरा भी नहीं रह गया है वैसे ही आपके जीवन में भी उनका कोई स्थान न बचे। जब से आपलोगों ने शहरों में रहना शुरू किया है आपने अपने लिए तो कमरे बनाए लेकिन गौमाता का जो कमरा गाँव में होता था वह शहर में अब आपके यहाॅ नहीं है। अब तो केवल आपकी रसोई घर की एक लुटिया में दूध के रूप में गाय आपके घर में आती है। अब कुछ लोग उसको भी बन्द कर देना चाहते हैं। यह एक षड्यन्त्र है। इसे समझिए और समझ करके तदनुसार करिए।



ज्ञातव्य है कि पूज्य शंकराचार्य जी महाराज का शंकराचार्य पद पर अभिषेक विगत दिनांक 12 सितम्बर 2022 को ब्रह्मलीन द्विपीठाधीश्वरत्वर जी महाराज के पांचभौतिक शरीर के समक्ष उनकी इच्छा के अनुसार भारत धर्म महामण्डल, काशी के विद्वज्जन और विशाल जनसमूह की उपस्थिति में हो गया था और दिनांक 26 सितम्बर को दक्षिणाम्नाय श्रृंगेरीपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य श्री भारती तीर्थ महास्वामी जी ने अपने हाथों से अभिषेक कर इसकी पुष्टि कर दी और तब से ही वे जगद्गुरु शंकराचार्य के रूप में समस्त सनातनधर्मियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं।

इस शारदीय नवरात्र के अवसर पर प्रतिदिन पूज्य शंकराचार्य जी महाराज सायं 5 बजे से भगवती राजराजेश्वरी एवं भगवान् चन्द्रमौलीश्वर का विशेष पूजन कर रहे हैं।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से छत्तीसगढ प्रदेश प्रमुख श्री चन्द्रप्रकाश उपाध्याय जी, कैप्टन अरविन्द जी, पं आनन्द उपाध्याय जी, त्रिभुवन दास जी, अनिल मोहन शर्मा जी, योगी अरुण जी, कृष्ण पाराशर आदि जन उपस्थित रहे।


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