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उत्तराखंड पुलिस आपरेशन मुक्ति भिक्षावृत्ति देगा नौनिहालों को उज्जवल भविष्य।

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उत्तराखंड पुलिस ऑपरेशन मुक्ति तहत बच्चों को भिक्षावृति से रोककर उनको पढ़ाई की ओर अग्रसर कर रही है। वहीं, चंपावत के एसपी देवेंद्र पींचा ने कहा कि तृतीय चरण में पूर्व में भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को भिक्षावृत्ति से हटाकर उनके और उनके माता-पिता की काउंसिलिंग कर सभी 35 बच्चों का स्कूलों में एडमिशन कराया गया है।

पिथौरागढ़! उत्तराखंड पुलिस इन दिनों बच्चों को भिक्षावृति से रोकने और उन्हें पढ़ाई की ओर अग्रसर करने की ओर प्रतिबद्ध है, जिसके लिए पूरे राज्य में ही ऑपरेशन मुक्ति चलाया जा रहा है. इसकी थीम ‘भिक्षा नहीं, शिक्षा दें’ के अंतर्गत पहाड़ी जिले चंपावत और पिथौरागढ़ में लगातार पुलिस लोगों को भिक्षावृति रोकने के लिए जागरूक कर रही है। साथ ही चंपावत पुलिस ने अभी तक 35 ऐसे बच्चों को स्कूल की राह दिखाई है, जो भिक्षावृति और श्रम में लिप्त पाए गए।
चंपावत के एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि अभियान तीन चरणों में चल रहा है। इस अभियान के तहत भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों व उनके परिवारों की निगरानी की गई, जिसमें 35 बच्चों को चिह्नित किया गया। द्वितीय चरण में जनपद के समस्त स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थानों, महत्वपूर्ण चौराहों, बस व रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों आदि स्थानों पर और सोशल मीडिया पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।

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एसपी ने आगे कहा कि तृतीय चरण में पूर्व में भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को भिक्षावृत्ति से हटाकर उनके और उनके माता-पिता की काउंसिलिंग कर सभी 35 बच्चों का स्कूलों में एडमिशन कराया गया है।

चंपावत पुलिस द्वारा स्कूलों में एडमिशन कराए गए बच्चों को निःशुल्क कॉपी-किताबें, बैग आदि चीजें भी उपलब्ध कराई गईं। साथ ही स्कूलों में एडमिशन कराए गए सभी बच्चों पर भविष्य में भी पुलिस टीमों द्वारा नजर रखी जाएगी। चंपावत पुलिस ने सभी लोगों से अपील की है कि भविष्य में भी नाबालिग बच्चों को स्कूल भेजा जाए, बाल श्रम न करवाया जाए और न ही उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्य किया जाए। एसपी देवेंद्र पींचा ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस का जागरूकता अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

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