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मालीपुर थानें पर गैंग रेप पीड़िता को सुलह करनें का दबाव, बेटी नें जिम्मेदारों को बता की आत्महत्या, आज जिम्मेदारों पर गिर सकती है गाज।

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जिस दुपट्टे को बेटी सम्मान में ओढ़ती थी, उसी दुपट्टे को बनाया फांसी का फंदा। ब्राह्मण बेटी ने बलात्कारियों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा कार्यवाही न होने पर की आत्महत्या। दरअसल घटना मालीपुरा थानाक्षेत्र जनपद अंबेडकर नगर की है।

व्यवस्था की कुव्यवस्था से हार गई गैंग रेप की पीड़िता, फांसी लगाकर की आत्म हत्या।

आखिरकार गैंगरेप की शिकार 14 वर्षीय छात्रा सिस्टम से हार गई। बुधवार की सुबह उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा का शव बुधवार की सुबह करकट में दुपट्टे के सहारे लटकता पाया गया।

मृतका के पिता गये थे दर्शन को

मृतका के पिता दर्शन के लिए बाहर गए हुए थे, माँ व परिवार के लोग घर पर ही थे। पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी करने के बजाय उल्टा पीड़िता व उसके परिवार पर दबाव बनाये जानें की चर्चाएं हैं।



जिस विद्यालय में छात्रा पढ़ती थी उसी के प्रबंधक का पुत्र वा उसके दोस्त बताए जा रहे है मुख्य आरोपी।

जिस विद्यालय में छात्रा पढ़ती थी उसी के प्रबंधक का पुत्र वा उसके दोस्त बताए जा रहे है मुख्य आरोपी। जो गैर संप्रदाय के है। सूचना पर पहुंची पुलिस व परिजनों के बीच नोक झोंक भी हुई। घटना स्थल पर अपर पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी हरि शंकर लाल, क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मौर्य, नायब तहसीलदार राज कपूर,के अलावा कई थानों की पुलिस पहुंच गई थी।

परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव को वहां से ले जानें से इंकार कर दिया है। गौरतलब है बीते 16 सितंबर को मालीपुर थाना क्षेत्र की कक्षा 8 की एक छात्रा विद्यालय गई थी, जहां रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक गायब हो गई। जिसको परिजनों ने काफी खोजबीन किया, परंतु उसका कहीं पता न लगने से आहत होकर परिजनों ने पुलिस को शिकायत पत्र देकर कार्यवाही की मांग की थी। पुलिस ने आरोपियों के प्रभाव या दबाव में नामजद मुकदमा न लिखकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की इति श्री कर ली थी।

मुकदमा दर्ज होने के दो दिन बाद छात्रा अपने घर वापस आ गई। जिसकी जानकारी तुरंत परिजनों नें जिम्मेदारों को दी सूचना पर पहुंची पुलिस छात्रा को थाना ले गई पुलिस ने छात्रा का बयान दर्ज कराकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया था।

छात्रा ने दो युवकों द्वारा कार से अपहरण कर लखनऊ ले जाने और किसी होटल में सामूहिक दुष्कर्म करने की बात बतायी थी। पुलिस दुराचार के आरोपियों की गिरफ्तारी करने के बजाय पीड़िता पर ही सुलह समझौता का दबाव बना रही थी। चर्चा है की थानाप्रभारी चंद्रभान यादव ने आरोपियों से लम्बी डील कर मामले को दबाने में लगे थे। वही पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया, कि तहरीर के अनुसार मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना में रेप की धारा बढ़ाकर गिरफ्तारी की कार्यवाही चल रही थी। थानाध्यक्ष के लापरवाही पर एसपी ने कहा जांच में दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।


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