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भारतीय सेना रवि प्रकाश मीणा पाकिस्तानी बालाओं के जाल में फँस लीक किया खूफिया जानकारी।

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राजस्थान CID इंटेलिजेंस ने इंडियन आर्मी की जासूसी के आरोप में ऑफिस असिस्टेंट को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार जासूस दिल्ली के सेना भवन में काम करता है। पाक महिला एजेंट के हनीट्रैप और पैसों के लालच में फंसकर आरोपी ने सेना के सीक्रेट डॉक्यूमेंट सोशल मीडिया के जरिए शेयर किए। जासूसी के आरोप में शनिवार को करौली से गिरफ्तार ऑफिस असिस्टेंट से CID इंटेलिजेंस पूछताछ कर रही है।

DG (इंटेलिजेंस) उमेश मिश्रा ने बताया कि इंडियन आर्मी की जासूसी के आरोप में रवि प्रकाश मीणा (31) को गिरफ्तार किया गया है। जो जिला करौली के गांव मसावता सपोटरा का रहने वाला है। वह साल 2015 में MTS (चतुर्थ श्रेणी सहायक) पर भर्ती हुआ था। भर्ती होने के बाद दिल्ली में सेना भवन में कार्यरत है।

पाकिस्तानी एजेंसियों की ओर से की जाने वाली जासूसी गतिविधियों पर CID इंटेलिजेंस राजस्थान निगरानी रख रही है। निगरानी के दौरान जानकारी में आया कि रवि प्रकाश मीणा पिछले काफी समय से सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया हैंडलर्स के लगातार संपर्क में है। जो सोशल मीडिया के जरिए पाक महिला एजेंट के संपर्क में है। हनीट्रैप और पैसों के लालच में भारतीय सेना की खुफिया सूचनाएं शेयर कर रहा है। गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर CID इंटेलिजेंस, मिलिट्री इंटेलिजेंस और सुरक्षा से जुड़ी अन्य एजेंसियों की ओर से संयुक्त रूप से पूछताछ की गई।

प्यार के जाल में फंसाकर मांगी जानकारी

पूछताछ में सामने आया कि वह पिछले करीब तीन महीने से वॉट्सऐप और फेसबुक के जरिए महिला पाक एजेंट से संपर्क में है। पाक महिला एजेंट ने स्वयं को फेक नेम अंजली तिवारी निवासी पश्चिम बंगाल बताया। खुद को वह आर्मी में होना बताया। पाक महिला एजेंट की ओर से प्यार के जाल में फंसाकर और पैसों का लालच देकर डॉक्यूमेंट मांगे गए। सेना के गोपनीय डॉक्टयूमेंट को सोशल मीडिया के जरिए पाक महिला एजेंट को भेजकर बदले में अपने बैंक अकाउंट में रुपए लिए।

पहले भी सामने आ चुके हनीट्रैप के केस

हिंदू देवी-देवताओं की फोटो दिखाकर हनीट्रैप करती हैं पाक एजेंट: कैप्टन रैंक के अफसर देते हैं ट्रेनिंग, मारवाड़ी-पंजाबी में करती हैं बातें

जोधपुर में सेना के जवान को हनीट्रैप में फंसाया गया। पाकिस्तानी ISI महिला एजेंट अब तक 10 लोगों को फंसा चुकी है। जवानों को फंसाने से पहले इन्हें भाषा और रहन-सहन की ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें हिंदू नाम दिए जाते हैं। ताकि आसानी से सेना का जवान इनके जाल में फंस जाए। यहां तक कि इन्हें मारवाड़ी और पंजाबी में बातें करने की भी ट्रेनिंग दी जाती है। ऐसा ही हुआ जोधपुर में तैनात गनर प्रदीप कुमार के साथ। प्रदीप फिलहाल दो दिन के रिमांड पर है।

हाल ही में जोधपुर से सामने आए हनीट्रैप में बड़ा खुलासा हुआ है। सामने आया कि भारतीय सेना के जवानों और नए अफसरों को फंसाने के लिए पाक सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस ने सिंध हैदराबाद में टंडो झानियों के पास आर्मी कैंट से एक मॉड्यूल ऑपरेट कर रही है। इसे हैदराबाद मॉड्यूल नाम दिया गया है। इस मॉड्यूल में हैदराबाद की स्थानीय वैश्याओं, गरीब लड़कियों, कॉलेज में पढ़ने वाली युवतियों को हायर किया गया है। उन्हें पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) ट्रेनिंग दी जाती है। यह महिलाएं इतनी शातिर होती हैं कि स्थानीय भाषा में बात कर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर दिखा खुद को हिंदू साबित कर जवानों को अपने चंगुल में फंसाती हैं। उनसे शादी करने का झांसा देती हैं फिर न्यूड कॉल कर सेक्सटोर्सन का शिकार बनाती हैं। फिर शुरू होता है ब्लैकमेलिंग का गेम और फिर ब्लैकमेल कर जवानों को देश से गद्दारी करने को मजबूर करती हैं।

हिंदू-देवी देवताओं की दिखाते हैं तस्वीर

जोधपुर सैन्य क्षेत्र से तीन दिन पहले ही पकड़े गए गनर प्रदीप कुमार पाकिस्तानी महिला एजेंट रिया के जाल में फंसकर सारी सूचनाएं दे रहा था। भारतीय सेना की खुफिया जानकारियां हासिल करने के लिए पाकिस्तान सेना की इंटेलिजेंस यूनिट 412 सिंध के हैदराबाद से हनी ट्रैप मॉड्यूल लॉन्च किया है। इस मॉड्यूल के निशाने पर राजस्थान और गुजरात बॉर्डर के सैन्य ठिकाने में तैनात जवान हैं। इसके लिए पाकिस्तान की महिला एजेंट्स शादी का झांसा देकर हिंदू- देवी देवताओं के फोटो दिखाकर सैन्य कर्मियों को अपने जाल में फंसा रही हैं। जाल में फंसते ही वे न्यूड कॉलिंग से जवान की रिकार्डिंग कर उसे खुफिया जानकारियां देने के लिए ब्लैकमेल करती हैं।

रिया ने अब तक 10 को हनीट्रैप किया

पीआईओपी में ट्रेनिंग के बाद इन लड़कियों को होटलों में रूम बुक कर मेकअप किट दिया जाता है। युवतियों को रिया, पूजा, अवनी, अनिका, हरलीन, मुस्कान जैसे नाम देकर हिंदू पहचान दी जाती है। प्रदीप को जाल में फंसाने वाली मिलिट्री नर्सिंग सर्विस की नर्स बनी रिया अब तक 10 को फंसा चुकी है। एजेंट बनाई गई ये युवतियां पाकिस्तानी सेना के कैप्टन रैंक के अफसर के अधीन काम करती हैं। वह इन्हें सोशल मीडिया में ओपन सोर्स इंटेलिजेंस के माध्यम से सोशल मीडिया पर भारतीय सेना, पुलिस, रेलवे, बीएसएफ से जुड़े लोगों की पहचानकर उनकी आईडी देते हैं। होटल के कमरे में छोटा मंदिर बनाकर शिव पार्वती या अन्य देवी देवताओं के फोटो लगाकर पूजा घर बनाती हैं। फिर पहले सामान्य वीडियो कॉल और बाद में न्यूड कॉल कर ब्लैकमेल करती हैं। महिला एजेंट बाकायदा साड़ी और सलवार कुर्ती पहनती हैं या नर्सिंग सर्विस की यूनिफार्म वे जवानों से मारवाड़ी या पंजाबी में बात करती हैं। कुछ लड़कियां तो गुजराती तक में बात करती पकड़ी गई हैं। इन्हें स्थानीय भाषा सिखाई जाती है। इसके अलावा भारतीय मोबाइल नंबर +91 का वॉट्सएप बनाने के लिए आम नागरिकों से दोस्ती करती हैं। ओटीपी हासिल कर लोकल नंबर का वॉट्सएप शुरू हो जाता है।


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बिटकॉइन से पैसा ट्रांसफर होता है

न्यूड वीडियो रिकॉर्ड से घबराया जवान महिला एजेंट के सामने सरेंडर कर देता है। इसके बाद उससे सेना के गुप्त दस्तावेज मंगवाने शुरू करती हैं। सीक्रेट डॉक्यूमेंट के बदले पेमेंट देने के लिए भारत में मौजूद स्लीपर सेल को बिटकॉइन से पैसा ट्रांसफर होता है। स्लीपर सेल वाला कैश डिपॉजिट मशीन में कैश डालकर या फेक आईडी से बने पेटीएम से पैसा जवान के खाते में ट्रांसफर करता है।

इधर, राज्य सरकार ने बढाई सख्ती

भारतीय सरहद खासकर जैसलमेर में पाकिस्तानी मोबाइल कंपनियों के सिम के इस्तेमाल पर राज्य सरकार ने प्रतिबंध की अवधि 6 माह बढ़ा दी है। इससे पहले जैसलमेर कलेक्टर ने दो माह के लिए रोक लगाई थी। सरकार ने भारतीय दंड संहिता 1973 की धारा 144 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। गृह विभाग की संयुक्त सचिव सीमा कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जैसलमेर से लगने वाली सीमा पर घुसपैठिया व राष्ट्र विरोधी तत्व देश के खिलाफ गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। क्योंकि, जैसलमेर जिले की सीमा के तीन-चार किलोमीटर तक पाकिस्तानी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क आता है। ऐसे में पाकिस्तानी लोकल सिम और इस नेटवर्क के जरिए आसानी से संपर्क किया जा सकता है। यही नहीं पाक सीमा पर पीएसओ, ई-मेल, इंटरनेट के माध्यम से विदेशी कॉल्स या संदेश का उपयोग कर जन सुरक्षा का खतरा बन सकते हैं या फिर शांति को भंग कर सकते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरे की आशंका को देखते हुए पाकिस्तानी लोकल सिम के उपयोग पर प्रतिबंध बढ़ाया गया है। इसके तहत जिले के किसी भी क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति इस सिम का उपयोग कर सकेगा न ही इसकी अनुमति दी जा सकेगी। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना सामने आने के बाद भास्कर ने मामले में इन्वेस्टिगशन किया, जिसमें खुलासा हुआ कि पाकिस्तान ने आर्मी जवानों को फंसाने के लिए हनीट्रैप के 7 मॉड्यूल तैयार कर रखे हैं, जिनमें 25 से ज्यादा लड़कियां हैं। इनमें से कुछ कॉलेज गर्ल्स हैं तो कुछ सेक्स वर्कर। जिस तरह आर्मी में ट्रेनिंग दी जाती है, उसी तरह पाकिस्तान इन लड़कियों को हनीट्रैप के लिए ट्रेनिंग दे रहा है।

इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में पढ़िए- कैसे काम करता है पाकिस्तान का हनीट्रैप मॉड्यूल…

सुख-दुख में साथ देने के झांसे से शुरुआत, न्यूड कॉलिंग आखिरी वार

पाकिस्तानी हनीट्रैप: आर्मी की एजेंट ये लड़कियां सबसे पहले सोशल मीडिया पर फर्जी ID बनाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती हैं।

प्यार भरी बातें: रिक्वेस्ट एक्सेप्ट होने के बाद प्यार भरी बातें करती हैं। दावा करती हैं कि वो हर सुख-दुख में उनका साथ देंगी।

शादी का झांसा: दोस्ती होने के बाद वे टारगेट को शादी का झांसा देती हैं।

सेक्स चैट: इसके बाद शुरू होती है सेक्स चेट, जाल में फंसने वाले को लगता है कि लड़की सचमुच उससे प्यार करती है।

न्यूड कॉलिंग: टारगेट काे फंसाने के लिए न्यूड कॉल भी करती हैं। ये लड़कियां लव और लस्ट के जाल में ऐसा फंसा लेती हैं कि टारगेट इनके कहने पर देश की सुरक्षा से जुड़े सीक्रेट डॉक्यूमेंट भी शेयर करने के लिए तैयार हो जाता है।

ब्लैकमेलिंग: टारगेट और लड़की के बीच हुई सारी चैटिंग व वीडियो कॉल को पीआईओ रिकॉर्ड कर लेता है। टारगेट सीक्रेट डॉक्यूमेंट देने से इनकार कर दे, तो न्यूड वीडियो के दम पर उसे ब्लैकमेल किया जाता है।

सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स के लिए पैसे का भी ऑफर देती हैं

कुछ मामलों में ये हनीट्रैप गर्ल्स सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स के लिए पैसे का भी ऑफर देती हैं। सेना के सीक्रेट डॉक्यूमेंट ‘आर्मी ऑर्डर’ व ‘ओरबेट’ के बदले 10 से 12 हजार रुपए भी ऑफर करती है। रुपए भारत में मौजूद स्लीपर सेल के जरिए पहुंचाए जाते हैं। स्लीपर सेल को बिटकॉइन की मदद से पैसा भेजा जाता है। जहां वो एटीएम कैश डिपॉजिट मशीन या ऑनलाइन फौजी के खाते में पैसे ट्रांसफर करते हैं।
इंडियन नंबर से बनाती हैं वाॅट्सऐप आईडी
इंडियन फोर्सेज से जुडे़ ऑफिसर्स और जवानों से कॉन्टेक्ट करने के लिए ये लड़कियां पहले स्थानीय लोगों से दोस्ती करती हैं। फ्री सेक्स चैट और न्यूड वीडियो कॉल का ऑफर देकर उनसे वॉट्सऐप ओटीपी हासिल करती हैं ताकि इंडियन नंबर से वॉट्सऐप आईडी बना सकें। ऐसा इसलिए ताकि वाॅट्सऐप पर +92 नम्बर देखकर किसी को शक न हो और +91 देखकर लगे कि लड़की इंडियन ही है।


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