GA4

उपाध्याय बिटिया के मौत का कारण, नियोजक व बलात्कारियों से ज्यादा व्यवस्था दोषी, योगी आदित्यनाथ नही बचा सके बेटी को।

Spread the love

अम्बेडकरनगर। 16 सितम्बर 2022 को जबकि बिटिया घर से निकली तो एक किमी० की दूरी पर नीले रंग की कार खड़ी थी, जिस पर दो लड़कों नें बिटिया को बैठा लिया, यह सारा नियोजन अरशद की दूकान पर अरशद रूक गया। जिसके बाद लड़की को लेकर अपहरण कर्ता लखनऊ गये।
जहां पर बिटिया के साथ दोनों नें बर्बरता किया, वहां से लड़की छुप छुपाकर भाग कर बस स्टेशन से अकबरपुर दिनांक 18 सितम्बर बिटिया लगभग 2:30 बजे पहुँची, 6 बजे के आसपास घर पहुँची।

जिसके क्रम में परिजनों नें दिनांक 16 सितम्बर को थानें में शिकायत दर्ज करवाई जिसमें गुमसुदगी की रिपोर्ट लिखवा दिया।

जब बिटिया दिनांक 18 को आयी तो परिजनों द्वारा मालीपुर थानें को जानकारी दी गयी जिस पर थानें में बिटिया को मोनिका कांस्टेबल नें दुस्चरित्र कहते हुए मार पीट किया। विवेचक प्रमोद खरवार नें केस दबानें के नाम पर अरशद परिवार से जमकर पैसे लिये। व विवेचना के नाम पर परिवार को उत्पीड़न किया।



जब बिटिया 28 तारीख को एसपी के पास गयी तो एसपी साहब नही थे, एतेव बिटिया जिलाधिकारी के कार्यालय गयी, जिस पर जिलाधिकारी नें एसपी साहब को फोन किया व बिटिया को एसपी आफिस भेजा बिटिया को देखते ही एसपी साहब आग बबूला होकर बिटिया को दुस्चत्रित्र कहा व डांट डपट कर भगा दिया, आर एस एस के कार्यकर्ता आशाराम यादव को भी दुत्कारा व धमकी दिया कि यहाँ से निकल जाओ वरना उठवाकर फेंकवा दूँगा।

जिसके बाद बिटिया व परिजन 29 को मुख्यमंत्री जनता दर्शन कार्यक्रम में गये लेकिन मुलाकात नही हो सकी जिसके क्रम मे पीड़ित पिता नें योगी आदित्यनाथ के अधिनस्थों को अपनी शिकायत दिया, व उनके उन्हें घर भेज दिया। जिसपर पीड़ित पिता पुत्री घर वापस आये।

के दूसरे दिन मालीपुर थानें से केस के विवेचक प्रमोद खरवार आये व डांटते हुऐ सच्चाई दबानें का काम किया। जिसके क्रम में खरवार परिजनों को अलग – अलग पूछताछ करते हुऐ परिवार को झूठा ठहराया।



जिसपर बेटी द्वारा दरोगा प्रमोद खरवार से कार्यवाही न करनें पर आत्महत्या की बात कही गयी। पर विवेचक प्रमोद नें कहा जो हमें करना है हम कर रहें हैं। जो तुम्हें करना है करो, बहुत मर गये तुम भी मरना है जाओ। जिसके क्रम में बेटी नें दिनांक 5 अक्टूबर को सुबह सबेरे फाँसी लगा कर आत्महत्या कर लिया।

परिजनों के अनुसार मामले में चार दोषी हैं, जिसमे अरशद पुत्र यार मोहम्मद गांव कठघरमूसा थाना सम्मनपुर जो घटना का मुख्य नियोजक है। अंकेश यादव पुत्र उदयराज यादव निवासी मुरवाह थाना जलालपुर, मीरा उपाध्याय पत्नी स्व० सुरेंद्र उपाध्याय जो कि मृतका की चाची हैं, व इनके अरशद से नाजायज सम्बंध भी हैं, कृष्णकुमार यादव पुत्र महेंद्र सिंह यादव निवासी रतनपुर थाना पसगवां जनपद लखीमपुर खीरी।
जिसके क्रम में थानाध्यक्ष लाईन हाजिर हैं व विवेचनाधिकारी निलंम्बित हैं। जबकि महिला आरक्षी मोनिका व एसपी अम्बेडकर नगर पर हमारी व्यवस्था क्या कार्यवाही करती है यह भविष्य की गर्भ में हैं।


Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!