छठ पर्व पर कौनसा सा मंत्र सिद्ध करे सूर्य उपासना का महापर्व है छठ पर्व। छठव्रत दीपावली के छह दिन बाद आरंभ होता है।
संतान की समृद्धि और शैतान की अभिलाषा रखने वाली स्त्री कार्तिक शुक्ल षष्ठी के सूर्यास्त और सप्तमी के सूर्योदय के मध्य सूर्य और वेदमाता गायत्री के मंत्र का जाप करे।
सूर्य का मंत्र
ॐ घृणि सूर्याय नम:
जाप संख्या : ७००० बार
गायत्री मंत्र :
ॐ भूर्भुवः स्व तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात ॥
अर्थात : प्रभु आप ही प्राणों के आधार हो, आप सब दुखों को दूर करने वाले हो, सब सुख देने वाले हो, हे सविता, हे पिता परमेश्वर आप सबके श्रष्ठा हो, सबके के करता हो, सबके दृष्टा हो, मैंने आप का वर्ण किया है।
आपके सिवा यहां और वर्णए क्या है, हे परमात्मा मैं आपकी संपूर्ण दिव्यताओ को धारण करते हुए जीवन यापन करना चाहता हूं।
जाप संख्या :१०८
सूर्य गायत्री मंत्र :
ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्य प्रचोदयात्।