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आज है साल का आखिरी ग्रहण, जानिये सूतक काल और भी बहुत कुछ।

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साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज 8 नवंबर 2022, मंगलवार की शाम को लगेगा। यह भारत के कई राज्‍यों में दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण सबसे पहले पूर्वी राज्‍यों में दिखेगा। चंद्र ग्रहण दिखने की शुरुआत अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर से होगी। इसके अलावा कोलकाता, गुवाहाटी, रांची, बंगलुरू, दिल्‍ली, इंदौर, मुंबई आदि कई शहरों में भी चंद्र ग्रहण नजर आएगा। चूंकि ये चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा इसलिए धर्म और ज्‍योतिष के अनुसार इसका सूतक काल भी मान्‍य होगा.
चंद्र ग्रहण का समय और सूतक काल।

आज चंद्र ग्रहण शाम को चंद्रोदय होते ही शुरू हो जाएगा। भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण 8 नवंबर की शाम 5 बजकर 20 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 20 मिनट तक दृश्यमान होगा। हालांकि दुनिया में चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 1 बजे से ही दिखने लगेगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले से शुरू हो जाता है। लिहाजा भारत में चंद्र ग्रहण का सूतक सुबह 9 बजकर 2 मिनट से शुरू हो जाएगा और मोक्ष शाम को 6 बजकर 59 मिनट पर होगा।
चंद्र ग्रहण के सूतक से पहले कर लें ये काम।



चंद्र ग्रहण भले ही शाम को लगेगा लेकिन इसका सूतक सुबह से ही शुरू हो जाएगा। धर्म- शास्‍त्रों में चंद्र ग्रहण के साथ- साथ सूतक काल में भी कुछ काम करने की मनाही की गई है। लिहाजा 9 बजकर 2 मिनट से सूतक काल शुरू होने से पहले कुछ काम जरूर कर लें।

कल होगा दूसरा ग्रहण, चंद्र ग्रहण का सूतक काल 08 नवंबर को सुबह 09 बजकर 2 मिनट पर लग जाएगा।

 

चंद्र ग्रहण का सूतक शुरू होने से पहले खाने- पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल लें। इसके लिए जल्‍द से जल्‍द तुलसी के पत्‍ते तोड़ लें क्‍योंकि ग्रहण काल में तुलसी का पौधा नहीं छूना चाहिए। भोजन में तुलसी के पत्ते डाल देने से खाद्य पदार्थ ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचे रहते हैं और ग्रहण के बाद इनका सेवन किया जा सकता है।

चंद्र ग्रहण लगने से पहले मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। लिहाजा घर के मंदिर के पट भी सूतक काल शुरू होने से पहले ही बंद कर दें। सूतक काल लगने के बाद ना तो भगवान की मूर्ति को छुएं और ना ही पूजा- पाठ करें। ग्रहण खत्‍म होने के बाद स्‍नान करके ही भगवान की मूर्ति को स्‍पर्श करें। देव- स्‍नान कराएं और फिर आरती आदि करें।


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