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मध्यप्रदेश गृहमंत्री नरोत्तमदास मिश्रा के खास विधायक के रिश्तेदारों नें लोगों का जीवन किया दुरूह, गुण्डाटैक्स दो य इलाका खाली करो।

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मध्यप्रदेश। ग्वालियर जनपद में गृहमंत्री नरोत्तमदास मिश्रा के संरक्षण प्राप्त स्थानीय बाहुबली द्वारा माह जून 2021 से लगातार व्यावसायी परिवार को तंग करते हुए स्थानीय चौकी पुलिस के संरक्षण में अवैध वसूली की जाती रही, जिसका पीड़ित भोजराज सिंह ने तब तक भुगतान करते रहे जब तक उनकी क्षमता रही लेकिन हद तब हो गयी जबकि इस माह उक्त मांग लाख रूपया हो गयी।



हम आपको बतातें चलें कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या -44, पर भरथरी पुल के पास, राधिका कॉलोनी के गेट के पास जबसे पीड़ित नें अपने होटल व दुकानों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया तो बंटी उर्फ़ कमल सिंह पुत्र पूरन सिंह, करतार पुत्र गाजुआ, कुलदीप पुत्र करतार, लवकुश पुत्र नंदे, महेश पुत्र शंकर सिंह जाति गुर्जर, निवासी बौना, थाना आंतरी, जिला ग्वालियर ने 100 मीटर दूर से पाइप लाइन डालकर मुर्गे मुर्गियों की गाड़ियां धुलवाते, थे।


ताकि दुर्गंध के कारण लेबर निर्माण कार्य न कर सके,पीड़ित की लेबर को उल्टियां होती थी, जब इस बात की शिकायत तत्कालीन थाना प्रभारी अमित शर्मा से 06.07.2021 को पीड़ित नें की, परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई, तब पीड़ित ने दिनांक 07.07.2021 को श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय को प्रार्थना पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज कर अपनी समस्या से अवगत कराया, उसके बाद उक्त लोगों ने पीड़ित का होटल से घर आने जाने का रास्ता बंद कर दिया, पुनः पीड़ित ने थाना प्रभारी अमित शर्मा को अपनी समस्या से अवगत कराया परंतु कोई निदान नहीं किया गया।



स्थानीय पुलिस के संरक्षण का परिणाम यह हुआ कि एक दिन उक्त लोगों ने दिनांक 19. 08. 2021 को आरपीएफ टीम पर हमला कर मार पीट कर डाली, तब पीड़ित ने एक बार पुनः दिनांक 20.08.2021 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी व अन्य को पत्र में आरपीएफ के साथ मारपीट का हवाला देकर अपनी उपरोक्त समस्याओं के निदान एवम् अपनी व परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई परन्तु कार्यवाही के नाम पर सिर्फ थाना प्रभारी का स्थानांतरण व आरोपियों पर सामान्य कारवाही करते हुए अपने कर्तव्य की इतिश्री कर दी।



अंततः आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हो गए कि कई महीनों से पुलिस चौकी टेकनपुर के संरक्षण में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 44 पर अवैध वसूली करते रहे। दिनांक 07.11.2022 को रात्रि करीब ग्यारह बजे बंटी उर्फ कमल सिंह के गुर्गे लवकुश, करतार, कुलदीप, महेश, सचिन, मुरारी पुत्र नंदे आदि व टेकनपुर पुलिस चौकी के दो आरक्षक विकास राजपूत व वर्मा (सिर्फ सरनेम ज्ञात है) पीड़ित की दुकान व होटल पर आए और एक लाख रुपए की रंगदारी मांगने लगे, जब पीड़ित ने उक्त राशि देने से मना कर दिया तो पीड़ित को बुरी तरह पीटा, पीड़ित के छोटे भाई कृष्णपाल को पीटा जिससे उसके हाथ के पंजे में फ्रैक्चर है और दुकान से ₹35000 की नकदी लूटकर भाग गए। जाते जाते धमकी देकर गये की ज्यादा उछल कूद करोगे तो जान से मार दिये जाओगे, जिसमें भोजराज सिंह का सर फट गया।



जिसकी रिपोर्ट पीड़ित द्वारा संबधित थाना आंतरी, जिला ग्वालियर में की गयी परन्तु थाना प्रभारी आंतरी द्वारा आरोपियों का पक्षपात करते हुए एक मात्र आरोपी लवकुश गुर्जर के विरुद्ध आईपीसी की धारा 327 के तहत छोटी सी कार्यवाही करते हुए खाना पूर्ति कर दी गयी क्या यही है भाजपा व मामा शिवराज का रामराज्य।

विरोधी अपनें राजनैतिक पकड़ का उठाते हैं नाजायज फायदा

जैसा कि हमनें ऊपर आपको बताया है कि उक्त आरोपियों की राजनैतिक पकड़ मध्यप्रदेश के गृह मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा जी के साथ है, कारण आरोपी मिश्रा जी के खास विधायक उदयवीर सिंह घुरैया के भानजे हैं। जो वर्तमान विधायक सुरेश राजे के भी खास हैं।



इसके क्रम में जब आखिरी सच नें लगभग स्थानीय 20 लोगों से बात की तो लोगों नें नाम न छापनें की शर्त पर बताया साहब इनका इलाके में दबदबा है, यह दबंग व मनबढ़ प्रकृति के लोग हैं, जब यह 100 रूपया मजदूर वर्ग से जबरन वसूली कर लेते हैं न देनें पर अमादा मारपीट हो जाते हैं, भाई हम गरीब लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करनें के लिये जद्दोजहद करें य फिर शिकायत करनें के लिये चौकी थाना व उच्चाधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटें, जबकि स्थानीय जिम्मेदार इनके साथ मुर्गा खाते हैं व जाम लड़ाते हैं।

विवाद की प्रमुख वजह व्यापारिक प्रतिद्वंदिता

हमा आपको बताते चलें इन दोनों परिवारों में विवाद की प्रमुख वजह ढ़ाबा व्यवसाय भी है कारण दोनों लोगों के उस जगह पर ढ़ाबे हैं जो कुछ ही दूरी पर स्थित हैं, जो कि विवाद की प्रमुख वजह है। वहीं सड़क पर चलनें वाले वाहनों से पुलिसिया संरक्षण में अवैध वसूली भी आरोपी गण विगत कई महीनों से करते चले आ रहें हैं। वहीं जब हमनें स्थानीय जिम्मेदार थाना प्रभारी दीपक भदौरिया से फोन मिलाकर मुद्दे के संदर्भ में जानकारी करनी चाही तो उनके द्वारा गोल मोल जवाब देकर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री करते हुऐ फोन काट दिया गया जबकि दुबारा फोन मिलानें पर उक्त हिटलर भदौरिया द्वारा फोन नही उठाया गया।


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