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कुश्ती के खिलाड़ियों का जंतर मन्तर पर, बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुआ तेज।

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दिल्ली। कुश्ती के खिलाड़ियों का जंतर मन्तर पर बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ प्रदर्शन तेज हुआ। वहीं जिम्मेदारों का भागना व मीटिंगों का दौर भी तेज हुआ है, जिसके क्रम में बातचीत तो शुरु हुई लेकिन कोई सार्थक हल का रास्ता नही निकल रहा है। लेकिन एक बात तो सार्वजनिक हो चली है, कि भाजपाइयों के चित्र व चरित्र में बड़ा झोल है।

 

खिलाड़ियों का बयान

मीटिंग में सिर्फ आश्वासन दिया गया है, किसी तरह का ठोस कदम या एक्शन लेने की बात नहीं की गई, हम रेसलिंग फेडरेशन को भंग करवाना चाहते हैं, हर जगह उनके लोग हैं, हमें केरल, महाराष्ट्र से फोन आ रहे हैं, जो पीड़ित रही हैं, हमारी PM से गुजारिश है कि इंसाफ करें- साक्षी मलिक।

हमारे साथ 5- 6 महिला पहलवान हैं जिन्होंने इन शोषण का सामना किया है और हमारे पास इसे साबित करने के सबूत हैं, हमें सरकार से कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, हम सुनिश्चित करेंगे कि बृजभूषण सिंह इस्तीफा दें और उन्हें जेल हो, हम केस दर्ज कराएंगे- विनेश फोगाट।

हम चाहते हैं कि फेडरेशन को बंद किया जाए क्योंकि फेडरेशन में वे अपने ही लोगों को बिठाएंगे, अगर इसका समाधान जल्दी नहीं निकला तो हम कानून का भी सहारा लेंगे- बजरंग पुनिया।

हमें जान का भी खतरा है, हमने पुलिस का प्रोटेक्शन भी नहीं ली है, जब शोषण होता है तो एक कमरे में होता है वहां कैमरे नहीं लगाए जाते हैं, वे लड़कियां भी हमारे साथ हैं जो इसे साबित कर सकती हैं- विनेश फोगाट।

यह है पूरा मामला

भारत के दिग्गज पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार (18 जनवरी) को धरने पर बैठ गए। उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कई कोच पर कई आरोप लगाए। इनमें स्टार पहलवान विनेश फोगाट द्वारा लगाया गया यौन शोषण का आरोप प्रमुख है। कल इस पूरे मामले पर बृजभूषण शरण सिंह ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। बृजभूषण ने कहा कि अगर ये सही साबित हुए तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्होंने कहा कि पहलवानों के धरने के पीछे एक बड़े उद्योगपति का हाथ है।

 

अपने ऊपर लगे आरोपों पर कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, ”क्या ऐसा कोई खिलाड़ी है जो आकर कह सकता है कि कुश्ती संघ ने उसे प्रताड़ित किया?  क्या उन्हें पिछले दस साल से फेडरेशन से कोई समस्या नहीं थी? ये सारी बातें तब हो रही हैं जबसे नए नियम लागू किए गए हैं। धरने पर बैठे पहलवानों ने ओलंपिक के बाद से किसी भी राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया है। यौन शोषण की कोई घटना नहीं हुई है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो मैं फांसी लगा लूंगा।”


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