GA4

बनारस विभूति भूषण सिंह की हत्या की सीबीआई जांच प्रभावित कर रही सत्ता व पदाधिकारी- श्वेता रश्मि वरिष्ठ पत्रकार की भी हत्या की आशंका।

Spread the love

वाराणसी। शहर के बहु चर्चित डॉ शशिकांत सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक विभूति भूषण सिंह की हत्या में शामिल आरोपियों महादेव महाविद्यालय के प्रबंधक अजय सिंह , सीमा


सिंह, पार्थ सिंह, अवनीश सिंह उर्फ बेचू, पीयूष पटेल और विनोद सिंह के अलावा शहर के शिक्षा माफियाओं के संगलिप्त होने के कारण घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। सत्ता पक्ष के द्वारा आरोपियों को बचाने के नाम पर प्रशासन पर दबाव डालकर बचाया गया इतना ही नहीं चंदौली लोकसभा और शिवपुरी विधानसभा के नेताओं की बदौलत इस हत्या के पहले किये राजस्व कर बड़े फर्जीवाड़े और कॉलेज की फ़र्ज़ी मान्यता के लिए इस्तेमाल किये गये जमीन के मुकदमों की पैरवी विभूति और मेरे द्वारा (सचिव बोधिसत्त्व फाउंडेशन) पत्रकार ( श्वेता रश्मि) की जांच और शुरू करने पर प्रशासन को इत्तिला देने के बाद भी मंत्री के दबाव में कोई कारवाई नहीं हुई और सबूतों को खत्म करने के इरादे से 10 फरवरी 2022 में विभूति भूषण की निर्मम हत्या कर दी गई।



जिस पर काफी जदोजहद के बाद अब CBCID जांच चल रही हैं पिछले महीने भाजपा के नाम पर दलाली करने और जांच को प्रभावित करने के कारण जांच को बनारस से इलाहाबाद ट्रांसफर करवाया गया है। आज फिर से भाजपा प्रबुद्ध सम्मेलन के नाम पर मोदी सरकार की 9 साल की उपलब्धि के बहाने खुलकर हत्या में आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है और खुलकर पार्टी के लोग महादेब को संरक्षण दे रहे है।



क्या इससे न्याय मिलेगा और ये दबाव बनाने की कोशिश क्यों हो रही है क्योंकि पार्टी के कई पदाधिकारी देह व्यापार में लिप्त है और उनके लिए महादेव महाविद्यालय लड़कियों की व्यवस्था करने के साथ हत्या जैसे कृत्य में शामिल है, शहर में तमाम जगहों पर महादेव कॉलेज की लड़कियां पकड़ी गई सेक्स रैकेट में पकड़ी गई लेकिन खबरें दबा दी गई। कई मौकों पर मुझे पार्टी के इनलोगों के द्वारा जान से मारने की धमकी और देख लेने की धमकी के क्रम में पिछले दिनों इनकी सांसद महोदय और विधायक की टीम की एक महिला की तरफ से फ़र्ज़ी FIR करवाया गया ताकि मर्डर केस में आरोपियों को लाभ पहुंचाया जाये।



जिसे हाइकोर्ट के माध्यम से न्याय की गुहार लगाने के बाद कई अधिकारियों का तबादला किया गया ये केस महिला आयोग में दर्ज है। आज दोबारा प्रबुद्ध सम्मेलन ले बहाने पार्टी के नाम पर आरोपियों के द्वारा पीड़ितों पर दबाव और जांच को प्रभावित करने की बात की जा रही है इसमें सांसद महोदय और विधायक महोदय के अलावा काशी के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल का संरक्षण शामिल है।



सबसे बात करने पर आरोपियों के लिए बचाव की बात ही निकल कर आई हमें न्याय कैसे मिलेगा मैं इस फर्जीवाड़े की चश्मदीद गवाह हूं मेरी भी हत्या हो सकती है और परिवार की जान को भी खतरा है इस न्याय कि लड़ाई में प्रधानमंत्री मोदी के नाम का बेजा इस्तेमाल करके कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए काम करके आरोपियों को बचा रहे है।

क्या भाजपा की अब 9 साल की उपलब्धियों में हत्या के आरोपियों को भी बचाना है । घटना के डेढ़ साल के बाद भी न्याय के लिए हम भटक रहे है और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई बल्कि हमारी जान को खतरा है और अपराधियों को सुरक्षा दी गई है।


Share
error: Content is protected !!