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श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल ने पंडित मदन मोहन मालवीय जी का जन्म दिवस समारोह सनातनी पर्व (प्रतिभा दिवस) के रूप मनाया।

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लखनऊ। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल द्वारा 25 दिसंबर 2023 को महान शिक्षाविद महान हिंदू विभूति, प्रखर सनातन धर्मी, पंडित मदन मोहन मालवीय जी का जन्म दिवस समारोह सनातनी पर्व (प्रतिभा दिवस) के रूप में तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य जी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।

उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पमर्ति वेंकट रमन्ना जी अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता तथा विशिष्ट अतिथि सीमा ठाकुर प्रेरक प्रशिक्षक व कल्याण कोच बॉर्डर सिक्युरिटी फ़ोर्स रही।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुवे श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि हम अपने राष्ट्रीय महापुरुषों को धीरे-धीरे विस्मृत करते जा रहे हैं। जो बहुत ही दुर्भाग्य की बात है। इसके लिए हमारी सरकारे भी कम जिम्मेदार नहीं। आज सेकुलरिज्म के नाम पर केवल और केवल हिंदुओं का और सनातन का नुकसान किया जा रहा है। दुनिया मे 57 मुस्लिम देशो में से भी अधिक वक़्फ़ सम्पत्ति भारत के वक़्फ़ बोर्ड के पास है, तुर्की जो दुनिया में खलीफा बनता फिर रहा है उसके पास भी भारत के वक्फ बोर्ड के बराबर संपत्ति नहीं है वह दुनिया में दूसरे स्थान पर आता है। फिर भी भारत मे मुस्लिम के गरीबी का रोना रोया जाता है।

सच्चर कमेटी के रिपोर्ट में स्पष्ट है कि 60 लाख हेक्टेयर जमीन वक़्फ़ बोर्ड के पास है यानी 24280 स्क्वायर किलोमीटर जमीन है वक़्फ़ बोर्ड के पास, जो केरला पूरे प्रदेश के रकबे के लगभग बराबर है या यों समझ लीजिए लगभग आधा पंजाब वक़्फ़ बोर्ड की संपत्ति है।

सच्चर कमेटी के अनुसार वक्फ बोर्ड की मार्केट वैल्यू 2 लाख करोड रुपए जिससे 20000 करोड रुपए सालाना आमदनी आती है या आ सकती है 20000 करोड रुपए भारत के कितने रियासतों का बजट नहीं है यहां तक दुनिया के कितने देश का बजट नहीं है।

गुलबर्गा के वक्फ जिला अध्यक्ष सैयद हबीब सरमस्त का एक बयान वायरल हुआ कि मुसलमानों को किसी रिजर्वेशन की जरूरत नहीं है। उनके पास गुलबर्गा में ही 27000 एकड़ से ज्यादा वक्फ की जमीन है। अगर मुसलमान वक्फ को सही से संभालते हैं तो उनके पास इतना है कि वो हुकूमत को कर्जा दे सकते हैं।

स्वतंत्र भारत में जमींदारी खत्म हो गई, राजे राजवाड़े खत्म हो गए लेकिन कांग्रेस ने एक वक्फ बोर्ड नामक एक मजहबी जमींदार पैदा कर दिया
जो कुछ लोगों की जागीर बन गई है। त्रिपाठी ने कहा कि आज इस कार्यक्रम के माध्यम से मैं सरकार से मांग करता हूं कि वक्फबोर्ड तत्काल खत्म करके वक्फबोर्ड की जमीनों को गरीबों में वितरित किया जाए । क्योंकि वक्फबोर्ड की जमीनों पर केवल 2% उच्च जाति के मुसलमानो का कब्जा है।

वक्फबोर्ड का रकबा बिगत 13 सालों में दो गुना हो चुका है जो उनके संवैधानिक अधिकारो
के तहत कभी भी संभव नहीं है जिसका साफ मतलब है कि वर्क बोर्ड नाजायज रूप से प्रदत्त
अधिकारों के तहत फायदा उठा रहा है देश में।
तथा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को खत्म किया जाए जो संविधान के मूल आत्मा के खिलाफ है
मेरी सभी सनातनी भाई-बहनों से विनम्र निवेदन है की इस लड़ाई में न केवल साथ देकर बल्कि
सहभागीदार बनकर साथ आयें
संगठन का मूल चार सूत्री मांग जो प्रथम दिन से है।

1- गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

2- कृष्ण जन्म भूमि तथा काशी विश्वनाथ से अतिक्रमण तत्काल हटाए जाए।
3- सभी मन्दिरो को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाय तथा वैदिक बोर्ड का गठन किया जाय।
4- चौथा और अंतिम माँग हमारी है कि इस देश को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए एवं हिंदू राष्ट्र का एक, नया संविधान बनाया जाए।
इन विषयों पर संगठन लगातार संघर्ष करता रहेगा जब तक यह सारी मांगे पूरा नहीं हो जाती तब तक संगठन इसके लिए लड़ता रहेगा।

कार्यक्रम के सयोजक सदस्य अमित यादव ने कहा कि देश के युवाओं को लेकर एक बड़े संघर्ष की तैयारी में हम लगे हैं, क्योंकि यह देश हिंदुओं का है सनातन का है और सनातन के साथ किसी प्रकार का विश्वास घात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कार्यक्रम के दूसरे सयोजक सदस्य अरुणेश मिश्र ने कहा देश का हर सनातनी सवर्ण है हमे अंग्रेजो ने सवर्ण बैकवर्ड तथा दलित में बता जो आज की अंग्रेजियत सरकारे भी पोषित कर रही है। जिस देश मे प्रतिभा का सम्मान नही वह देश कभी आगे नही बढ़ सकता आज आरक्षण नामक राक्षस देश के लिए कलंक बन चुका है आरक्षण केवल पुस्त दर पुस्त कुछ लोगों की जागीर बन चुकी है। आम गरीब इसके लाभ से वंचित है 70 सालों में भी आरक्षण में आम लोगों को क्या दिया एक बड़ा प्रश्न चिन्ह बनता है। ऐसी स्थिति में आरक्षण को खत्म कर संरक्षण की नीति लागू किया जाना देश और समाज दोनों के लिए हितकर होगा।

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